Aligarh: दो हजार रुपये कुंतल बिके आलू, तभी कर्जा मुक्त हो पायेगा किसान, Iglas के किसान को बारिश का डर


आलू किसानों को सता रहा बारिश का डर, बारिश होने से रुका हुआ है खुदाई कार्य
इगलास क्षेत्र में 30 प्रतिशत हो चुकी है आलू खुदाई कार्य
मोहित शर्मा, इगलास, Nit. :
तीन साल से आलू की खेती में बर्बाद किसान इस बार आलू महंगे होने की उम्मीद लगाए हुए हैं। किसानों का कहना है कि आलू का भाव दो हजार रुपये कुंतल हो तब ही किसान कर्जा मुक्त हो पाएंगे। वहीं किसानों को बारिश का भी डर सता रहा है। 
क्षेत्र के गांव तेहरा में हिंदुस्तान अखबार की तरफ से किसान चौपाल का आयोजन किया गया। जिसमें आलू किसानों ने बारीकी से अपनी समस्या रखीं। किसानों का कहना था कि आलू किसानों तीन साल से आलू का बाजिब दाम नही मिल पाया,जिससे किसानों पर कर्जा हो गया। यदि आलू का रेट दो हजार रुपये कुंतल हो जाये तो किसान कर्जा मुक्त हो जाएगा। किसानों ने चौपाल में बताया कि आलू को भी और फसलों की तरह सरकार की ओर से समर्थन मूल्य घोषित किया जाए। इगलास क्षेत्र को आलू की बेल्ट कहा जाता है। यदि क्षेत्र में चिप्स प्लांट लग जाएं, उनके आलू को बाहर भेजा जाए तो उन्हें बाजिब दाम मिलने लगेगा। अभी तक क्षेत्र में आलू की 30 प्रतिशत खुदाई हो चुकी है, 70 प्रतिशत अभी खुदाई बाकी है। आलू किसानों ने बताया कि बारिश के कारण खुदाई कार्य रुका हुआ है। यदि और बारिश होती है तो आलू सड़ जाएगा। बारिश होने के कारण किसानों ने काफी नुकसान होने का अनुमान भी लगाया है। किसानों का कहना है कि बारिश से जो उनकी फसल को नुकसान हुआ है तहसील का कोई कर्मी सर्वे करने तक नहीं आया। बारिश होने से आलू खुदाई एक सप्ताह के लिए थम गई है। खेतों में जब नमी खत्म होगी तभी आलू की खुदाई शुरू हो सकेगी। अब अंदाजा लगाया जा रहा है कि होली के बाद ही आलू खुदाई शुरू हो सकेगी। जो लगभग पूरे मार्च चलेगी। ऐसी स्थिति में किसान ही नहीं बल्कि शीत ग्रह स्वामी भी चिंतित दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि वे लाखों रुपयों का किसान पर दांव लगा चुके है। वहीं किसानों ने बताया कि बारिश से उनके आलू ऊपर आ गए हैं जिन्हें पशु बर्बाद कर रहे हैं। इतनी गौशाला होने के बाबजूद गोवंश सड़को खेतों पर खुलेआम घूम रहे हैं।
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