महामारी के डर से, Corona Virus के कारण दिल्‍ली, यूपी और बिहार में शिक्षण संस्‍थाएं तत्कालीन बंद


नई दिल्‍ली, Nit. :
पूरे देश समेत राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों के देखते हुए प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) 31 मार्च तक सभी कक्षाएं स्थिगत कर दी हैं। यूनिवर्सिटी की ओर से जारी नोटिफकेशन में कहा गया है कि सभी लेक्चर, क्लास प्रजेंटेशन और परीक्षाएं इस महीने के आखिर तक स्थगित रहेंगी।
विश्वविद्यालय ने निर्देश दिया है कि कैंपस के अंदर सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और वॉर्कशॉप जैसे आयोजन भी नहीं किए जाएं।
उधर, दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने भी इसी तरह का निर्देश जारी करते हुए सभी अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट क्लासेज रद्द करने का ऐलान किया है। डीयू में भी 31 मार्च के बाद ताजा स्थिति की समीक्षा के बाद कक्षाओं पर फैसला लिया जाएगा।
गौरतलब है कि दिल्ली में गुरुवार को कोराना से संक्रमित छठे मरीज का पता चला है। दिल्ली में कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी कोविड- 19 को महामारी घोषित कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने संक्रमण रोकने के लिए स्कूल-कॉलेजों के साथ-साथ सिनेमाघरों को भी इस महीने तक बंद रखने का आदेश दिया है।
यूपी की योगी सरकार ने कोरोना वायरस के चलते सभी स्कूल-कॉलेज 22 मार्च तक बंद करने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में यह फैसला लिया है। इस फैसले पर 20 मार्च को समीक्षा होगी जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। हालांकि योगी सरकार ने अभी कोरोना को महामारी घोषित नहीं किया है।
मीटिंग के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यूपी में अबतक कोरोना वायरस के 11 मामले सामने आए हैं। 10 का इलाज दिल्ली और एक का इलाज लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में चल रहा है। कोरोना से लड़ने के लिए हम करीब डेढ़ महीने से तैयारी कर रहे थे और हमारे पास बचाव के सारे साधन हैं। 24 मेडिकल कॉलेजों में 448 बर्थ रिजर्व्ड है। इन मेडिकल कॉलेजों में सैंपल जांच की भी सुविधा है।

हर जिले में बनेगा आइसोलेशन वॉर्ड
सीएम योगी ने कोरोना को लेकर बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। इनमें सभी डॉक्टरों और पैरामेडिक्स कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए अभ्यस्त हों, सभी मेडिकल कॉलेजों में आइसोलेशन वॉर्ड बनाया जाए, सभी सीमाओं पर पर्याप्त सर्विलांस सिस्टम लगाया जाए, सभी जिलों के डीएम को राज्य की सीमाओं पर स्क्रीनिंग सेंटरों का निरीक्षण करने का आदेश, सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वॉर्ड के लिए उपयुक्त किट और सुरक्षित गियर उपलब्ध कराए जाएं।

योगी ने प्रशासन की तैयारियों का दिया ब्योरा
इसके अलावा सीएम योगी ने कोरोना वायरस के लिए प्रशासन की तैयारियों का ब्योरा दिया। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 820 बेड जिला सरकारी अस्पतालों में हैं। 448 बेड सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज में है। एनआईवी पुणे का सेंटर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में है। उनके पास वायरस पहचानने की आधारभूत सुविधाएं हैं। वहां भी नमूने लिए जाएंगे। बीएचयू में भी लैब को विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।

यूपी में 11 केस पॉजिटिव
योगी ने बताया, ‘आईएमए का सहयोग भी लिया जा रहा है। 11 केस पॉजिटिव हैं। 10 का इलाज दिल्ली व एक का लखनऊ में चल रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद से सभी स्कूलों में हैंडबिल, पोस्टर व जागरूकता अभियान चलाएंगे। पंचायती राज व ग्राम्य विकास विभाग हर ब्लाक में जागरूकता कार्यक्रम करेगा। माध्यमिक व उच्च शिक्षण संस्थानों में जागरूकता फैलाई जाएगी।’

अभी महामारी घोषित नहीं कोरोना
योगी ने बताया, ‘कोरोना को महामारी घोषित नहीं किया गया है लेकिन इस एक्ट के तहत कुछ अधिकार सौंपे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग जल्द नोटिफिकेशन जारी करेगा। हर व्यक्ति को मास्क लगाने की जरूरत नहीं है। जो पीड़ित है या जो संदिग्ध है वहीं लगाएं। मास्क और ग्लव्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। कहीं भी स्टॉकिंग या काला बाजारी पर सख्त कार्यवाही होगी।’

20 मार्च को होगी समीक्षा
योगी ने बताया कि जहां परीक्षाएं चल रही हैं वहां परीक्षाएं जारी रहेंगी और जहां परीक्षाएं नहीं शुरू हुई है वहां स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा बेसिक से लेकर उच्च और तकनीकी कॉलेज, स्किल डिवेलपमेंट से जुड़े सेंटर 22 मार्च तक बंद रहेंगे। बेसिक शिक्षा परिषद की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। अब 23 मार्च से 28 मार्च तक परीक्षाएं होंगी। हालांकि, 20 मार्च को फिर समीक्षा होगी। जरूरत पड़ने पर आगे बढ़ेंगी।

लखनऊ और आगरा में सामने आए मामले
यूपी में कोरोना वायरस में अब तक जो मामले सामने आए हैं, उनमें आगरा और लखनऊ शामिल है। इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने भी 12 वीं तक के सभी स्कूलों को 31 मार्च तक बंद रखने का आदेश जारी कर दिया। इस दौरान केवल बोर्ड परीक्षाएं जारी रहेंगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना को महामारी घोषित करने के बाद दिल्ली और हरियाणा सरकार ने भी सभी स्कूलों, कॉलेजों, सिनेमा हॉल को बंद करने का निर्णय लिया है।

काशी में भी सिनेमाहॉल बंद
कोरोना के कारण गुरुवार शाम को उत्तराखंड के शिक्षा सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने भी प्रदेश में सभी स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा वाराणसी के डीजल रेल इंजन कारखाना में मौजूद सिनेमाहॉल को कोरोना वायरस के कारण अनिश्चित काल के लिए बंद किया गया है।
कोरोना वायरस को लेकर बिहार सरकार ने 31 मार्च तक सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल-कॉलेज बंद करने का फैसला किया है। मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि राज्य में सीबीएसई की परीक्षा जारी रहेगी। इसके अलावा बाकी परीक्षाएं रोकने का आग्रह किया गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाई लेवल बैठक बुलाई जिसमें कई अधिकारी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी मौजूद रहे।
मीटिंग खत्म होने के बाद मुख्य सचिव दीपक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस जारी कर फैसलों के बारे में बताया। दीपक कुमार के अनुसार, सभी सरकारी और निजी स्कूल और कॉलेज, कोचिंग संस्थान 31 मार्च तक बंद रहेंगे। मिड डे मील का पैसा डीएनटी के माध्यम से बच्चों के माता-पिता के खाते में ट्रांसफर होंगे। इसके अलावा सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद होंगे। राज्य में सभी सिनेमा हॉल भी बंद रहेंगे। बड़े हॉल की बुकिंग 31 मार्च तक नहीं होगी। अस्पताल में ICU और वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाई जा रही है। अभी तक 142 लोग संदिग्ध पाए गए जिसमें से 73 को डिस्चार्ज कर दिया गया है।

कोरोना के चलते बिहार दिवस भी रद्द
दीपक कुमार ने बताया, बिहार दिवस कार्यक्रम 21-22 मार्च तक रद्द रहेगा। हर बॉर्डर पर चेकिंग होगी। अस्पताल में बेडों की संख्या बढ़ाई गई। दीपक कुमार ने बताया, ‘जितने तरह के स्पोर्ट्स, कल्चरल फेस्टिवल यथासंभव स्थगित किए जाएंगे। इसके अलावा सरकारी पार्क और चिड़ियाघर भी बंद रहेंगे। दीपक कुमार ने कहा कि ‘लोगों से अपील है कि घर में रहें और लिमिटेड एक्टिविटी ही रखे। वहीं सरकारी कार्यालयों में कर्मियों को ऑल्टरनेट दिन पर बुलाया जाए।’
इससे पहले मीटिंग में नीतीश कुमार कोरोना को लेकर इंतजामों का जायजा लिया। मीटिंग में अधिकारियों से पूछा गया कि कोरोना से बचाव के लिए क्या तैयारी है? बचाव में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। लोगों को जागरूकता फैलाने की कोशिश की जाएगी। नेपाल सहित पड़ोसी इलाकों में तैयारियों का जायजा लिया गया।

पटना के पीएमसीएच अस्पताल में डॉक्टरों और कमर्चारियों की छुट्टियां रद्द
बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (पीएमसीएच) में सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों की छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है। इस वक्त बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में कोरोना वायरस का एक संदिग्ध एक मरीज है, जिसको आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। इस शख्स का नाम विनोद कुमार है। विनोद समस्तीपुर का रहने वाला है। जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले ही यह दुबई से वापस भारत आया था।
वहीं दूसरी ओर राज्य के सभी जिलों में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी रोक लगा दी गई है। सरकार का यह फैसला अगले आदेश तक लागू रहेगा। इसका असर तकरीबन डेढ़ लाख आंगनबाड़ी केंद्रों पर पड़ेगा। इसके साथ ही 14 मार्च को पटना में होने वाले ‘बहार स्टार्टअप कॉन्क्लेव’ के कार्यक्रम को भी बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने रद्द कर दिया है।
-एजेंसियां
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