Delhi violence: अपनी दुकान, मकान और जिन्दगी भर की कमाई को राख होते देखने के सिवाय और कोई चारा नहीं था - अशर्फी

नई दिल्ली, Nit. :
यूनानी और आयुर्वेदिक दवाओं के होलसेल कारोबारी फैजान अशर्फी बताते हैं कि 23 फरवरी की शाम दुकान बंद करके रोड के उस पार वे किसी के साथ बैठे हुए थे। तभी किसी ने उनको फोन पर खबर दी कि उनकी दुकान से धुआं निकल रहा है। भागते हुए वे दुकान पर पहुंचे तो देखा कि अभी आग पकड़नी शुरू हुई है। पड़ोस के लोगों ने बाल्टियों से, पाइप से पानी डालकर

डालकर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन ऐसा संभव नहीं था। दुकान में भरा हुआ सामान ऐसा था जो आग तेज़ी से पकड़ता और आग फैलती।

अशर्फी बताते हैं कि जब उनकी दुकान में आग लगी, तब फायर बिग्रेड की एक गाड़ी दुकान के सामने ही खड़ी थी। उनसे कई बार गुजारिश की कि कुछ करिये, लेकिन उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि उनके पास कुछ भी करने का आदेश नहीं है।
वे बोले, “आप अधिकारियों से बात करिये। आप चाहें तो भजनपुरा लाल बत्ती से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुला सकते हैं।”
अशर्फी कहते हैं कि वे अपनी जलती दुकान को छोड़कर कई बार भजनपुरा लाल बत्ती से फायर बिग्रेड को बुलाने गये, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। उसके बाद उन्होंने दसियों बार फायर बिग्रेड को फोन किया, लेकिन फायर ब्रिगेड आने के बजाय हर बार शिकायत दर्ज होने का मैसेज आया। करीब घंटे भर बाद फायर बिग्रेड की गाड़ी आयी, तब आग बुझानी शुरू की गयी। तब तक पूरी दुकान जल चुकी थी।

वे कहते हैं, “और सब तो ठीक है, लेकिन मुस्तफाबाद से आम आदमी पार्टी के विधायक हाजी यूनिस, मोहल्ले के काउंसलर बीजेपी के मनोज त्यागी उर्फ बॉबी भी यहीं मौके पर थे। देखते रहने के सिवाय उन्होंने कुछ नहीं किया और यहां से हाथ हिलाते हुए निकल गये। उनसे कई बार हाथ जोड़कर विनती की कि विधायक जी, कुछ तो करिये लेकिन उन्होंने भी नहीं सुनी। इसके बाद मेरे या मेरे जैसे किसी के पास अपनी दुकान, मकान और जिन्दगी भर की कमाई को राख होते देखने के सिवाय और कोई चारा नहीं था।”
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