केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दुकानें खोलने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए, दी गई ढील - Lockdown Relief

नई दिल्‍ली, Nit. :
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात दिशा-निर्देश जारी करते हुए नगर पालिका के अंदर और बाहर आने वाली दुकानों को खोलने को लेकर नियमों में ढील दी.
इन निर्देशों के अनुसार एक ओर जहां अहमदाबाद, सूरत, हैदराबाद और चेन्नई के इलाक़े ‘बड़े हॉटस्पॉट ज़िले या उभरते हॉटस्पॉट’ बनकर उभरे हैं वहीं दूसरी ओर सरकार ने ग्रामीण और शहरी इलाक़ों में दुकानों को खोलने को लेकर नियमों में ढील दी है.
हालांकि, यह दिशा-निर्देश कोविड कंटेनमेंट ज़ोन और हॉटस्पॉट में लागू नहीं होंगे.
नए दिशा-निर्देश के अनुसार लॉकडाउन के दौरान ग्रामीण इलाक़ों के मार्केट कॉम्प्लेक्स और रिहायशी इलाक़ों में सभी दुकानें खुल सकेंगी. नगर निगम की सीमा के बाहर सभी इलाक़ों को ग्रामीण इलाक़ा माना जा सकता है लेकिन इसमें शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी.
मॉल और बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स अब भी ग्रामीण और शहरी इलाक़ों में नहीं खुल सकेंगे.
डिज़ास्टर मैनेजमेंट क़ानून के तहत राज्य इस दिशा निर्देश को चाहे तो नहीं भी लागू कर सकते हैं.
इस नए दिशा निर्देश को ग्रामीण क्षेत्र में लघु अर्थव्यवस्था को वापस खोलने के तौर पर देखा जा रहा है.
वाणिज्यिक और निजी प्रतिष्ठानों की श्रेणी के तहत अब दुकानें खुल सकती हैं. इसमें नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले शहरी क्षेत्र शामिल हैं लेकिन इसमें भी सिर्फ़ वही दुकानें खुल सकेंगी जो ‘राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के दुकान एवं स्थापना अधिनियम’ के तहत रजिस्टर्ड होंगी.
इसका अर्थ ये हुआ कि शराब की दुकानों समेत वो दुकानें नहीं खुल सकेंगी जो किसी और अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड होंगी क्योंकि शराब की दुकान का रजिस्ट्रेशन एक्साइज़ क़ानून के तहत होता है.
शहरी क्षेत्र के मार्केट कॉम्प्लेक्स, सिंगल ब्रैंड और मल्टि ब्रैंड मॉल में मौजूद दुकानें अब भी नहीं खुल सकेंगी. हालांकि नगर पालिका के बाहर क्षेत्र की ‘आवासीय कॉम्प्लेक्स और मार्केट कॉम्प्लेक्स समेत सभी दुकानें’ खुल सकेंगी.
इसके तहत दुकानों में सिर्फ़ ’50 फ़ीसदी कर्मचारियों की क्षमता’ ही काम करेगी और जिनको ‘मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना’ अति आवश्यक होगा.
वहीं केंद्र ने गुजरात, तेलंगाना और तमिलनाडु के चार ज़िलों को निगरानी में रखा है जहां 5,000 से अधिक कोरोना संक्रमण के मामले हैं.
-BBC
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