यूपी के 19 जिले रेड जोन में, 36 ऑरेंज में और 20 जिले हैं ग्रीन जोन में: UP Lockdown zone

लखनऊ, Nit. :
कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में पूरे देश में 3 मई तक लॉकडाउन है. इन दिनों सबके मन में सवाल है कि 3 मई के बाद क्या होगा? सवाल उठ रहे हैं कि क्या 3 मई के बाद लॉकडाउन खत्म होगा? या फिर कुछ और दिनों तक कुछ शहरों में पाबंदियां रहेंगी? या लॉकडाउन के साथ कुछ रियायतें मिलेंगी? माना जा रहा है कि केंद्र सरकार इसे लेकर जल्द ही नई गाइडलाइन जारी कर सकती है. कहा जा रहा है इस दिशा-निर्देश में अलग-अलग ज़ोन के हिसाब से लोगों को छूट मिल सकती है.
दरअसल, COVID-19 संक्रमण के लिहाज से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा देश के 733 जिलों को तीन अलग-अलग जोन (Zone) में बांटा गया है. ये हैं ग्रीन (Green), ऑरेंज (Orange) और रेड जोन (Red Zone). ग्रीन जोन में वे जिले रखे गए हैं, जहां पिछले 28 दिनों से कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया है. वहीं, ऑरेंज ज़ोन में वे जिले हैं, जहां पिछले 14 दिनों में कोरोना का कोई नया केस नहीं आया है. रेड जोन में सबसे ज्यादा संक्रमण झेल रहे जिले हैं. माना जा रहा है कि जोनवार ही लॉकडाउन में ढील मिलेगी. इसमें रेड जोन को तो फिलहाल छूट मिलने की संभावना नहीं है.
इस लिस्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में 19 जिले रेड जोन में हैं, जबकि 36 जिले ऑरेंज जोन में रखे गए हैं. वहीं, 20 ऐसे भी जिले हैं, जिन्हें ग्रीन जोन में रखा गया है. यानी अगर छूट मिलती है तो ग्रीन जोन वाले जिलों को इसका सबसे ज्याा लाभ मिलने की उम्मीद है.

रेड जोन
आगरा, लखनऊ, सहारनपुर, कानपुर नगर, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, मेरठ, रायबरेली, वाराणसी, बिजनौर, अमरोहा, संत कबीर नगर, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, रामपुर, मथुरा, बरेली.
ऑरेंज जोन
गाजियाबाद, हापुड़, बागपत, बस्ती, बदायूं, संभल, औरैया, शामली, सीतापुर, बहराइच, कन्नौज, आजमगढ़, मैनपुरी, श्रावस्ती, बांदा, जौनपुर, एटा, कासगंज, सुल्तानपुर, प्रयागराज, जालौन, मिर्जापुर, इटावा, प्रतापगढ़, गाजीपुर, गोंडा, मऊ, भदोही, उन्नाव, पीलीभीत, बलरामपुर, अयोध्या, गोरखपुर, झांसी, हरदोई, कौशाम्बी.
ग्रीन जोन
बाराबंकी, खीरी, हाथरस, महाराजगंज, शाहजहांपुर, अंबेडकर नगर, बलिया, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, हमीरपुर, कानपुर देहात, कुशीनगर, ललितपुर, महोबा, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, अमेठी.
UP की सीमाओं को पूरी तरह सील करने के निर्देश
कोविड-19 संक्रमण के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया जाए. साथ ही उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरतने को कहा है. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बगैर अनुमति कोई प्रदेश में आने नहीं आ पाए और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से ग्राम प्रधानों तथा नगरों के पार्षदों से संवाद स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित कराया जाए कि कोई भी चोरी-छिपे प्रदेश में नहीं आ सके.
दिल्ली से 4 लाख प्रवासी श्रमिकों की हो चुकी है घर वापसी
उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली से अब तक लगभग चार लाख प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों तथा हरियाणा से 12 हजार श्रमिकों की प्रदेश में सुरक्षित वापसी हो चुकी है. इसी प्रकार अन्य राज्यों से भी चरणबद्ध रूप से प्रवासी श्रमिकों की वापसी सुनिश्चित कराई जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए कृतसंकल्प है. कोविड-19 के कारण बाधित आर्थिक गतिविधियों से प्रभावित श्रमिकों व कामगारों के हित में राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं. अन्य राज्यों से प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों की चरणबद्ध वापसी के लिए प्रदेश सरकार प्रभावी कदम उठा रही है. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को यहां अपने सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा की.
स्वस्थ श्रमिकों को घर में क्वारंटाइन किया जाए
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक बार में एक राज्य के प्रवासी श्रमिकों को प्रदेश में वापस लाने की कार्यवाही की जाए. उन्होंने कहा कि वापस आए सभी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए. स्वस्थ श्रमिकों को राशन किट के साथ 14 दिन के पृथक-वास के लिए घर भेजा जाए. जिनके स्वास्थ्य में कमी मिले, ऐसे श्रमिकों और कामगारों को क्वारंटाइन सेंटर में रखकर उपचार की व्यवस्था की जाए.
आगरा और कानपुर में भेजी जाए डेडिकेटेड मेडिकल टीम
बैठक में योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया गया कि लखनऊ स्थित तीन संस्थानों में जांच कार्य के लिए माइक्रो बायोलॉजिस्टि सहित अन्य मानव संसाधन उपलब्ध करा दिया गया है. इन संस्थानों में शनिवार से जांच कार्य प्रारम्भ हो जाएगा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों, डेन्टल कॉलेजों तथा नर्सिंग कॉलेजों में आवश्यकतानुसार एल-1, एल-2 चिकित्सालय स्थापित करने की कार्य योजना बनाई जाए. उन्होंने जनपद आगरा और कानपुर नगर में अतिरिक्त प्रशासनिक एवं डेडिकेटेड मेडिकल टीम भेजने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि रोडवेज बसों के चालकों को मास्क तथा ग्लव्स उपलब्ध कराए जाएं.
-एजेंसियां
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