Corona attack : ड्यूटी के दौरान मरने वाले सरकारी कर्मियों के पर‍िजनों को विशेष पेंशन देगी नीतीश सरकार


पटना, Nit. :

बिहार सरकार कोरोना ड्यूटी के दौरान मरने वाले सरकारी कर्मियों के स्वजनों के हित में बड़ा फैसला किया है। ऐसे परिवारों को सरकार मृतक कर्मी की सेवानिवृत्ति आयु तक विशेष पेंशन देगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगी। बैठक में इसके अलावा कोराना काल मे ड्यटी से नदारत आठ डॉक्‍टरों को भी बर्खास्‍त कर दिया गया।

मुख्यमंत्री आवास के संवाद सभागार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक की। बैठक में ड्यूटी के दौरान मरने वाले कोरोना वॉरियर्स सरकारी कर्मियों के स्वजनों को पारिवारिक पेंशन का लाभ देने का निर्णय किया गया। स्वजन यदि चाहेंगे तो परिवार के किसी एक सदस्य को पेंशन के बदले नौकरी मिलेगी। ऐसी स्थिति में पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा।

2004 के बाद सेवा में आने वालों कर्मियों के लिए बड़ा फैसला

सरकार यह सुविधा पहली अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक ड्यूटी पर निधन होने वाले कर्मियों के स्वजनों को देगी। वर्ष 2004 के बाद सेवा में आने वालों कर्मियों के लिए सरकार ने यह बड़ा फैसला किया है।

कोरोना काल में ड्यूटी से गायब आठ डॉक्टर बर्खास्त

कैबिनेट ने कोरोना काल में ड्यूटी से गायब रहने वाले आठ सरकारी डॉक्टरों पर भी बड़ी कार्रवाई की है। सेवा में लापरवाही के आरोप में उन्‍हें बर्खास्त किया गया है। सेवा में लापरवाही के आरोप में बर्खास्‍त किए गए डॉक्‍टर ये हैं…

– डॉ. संजीव कुमार (सीतामढ़ी सदर अस्‍तपाल)

– डॉ. कामेश्वर नारायण दुबे (छपरा सदर अस्पताल)

– डॉ. अजीत कुमार सिन्हा (कटिहार कुष्ठ नियंत्रण इकाई)

– डॉ. अशोक कुमार (तरैया रेफरल हॉस्पिटल, सारण)

– डॉ. शाहिना तनवीर (वायसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र)

– डॉ. साधना कुमारी (डुमरा पीएचसी, सीतामढ़ी)

– डॉ. वेणु झा (नानपुर माली बाजार पीएचसी, सीतामढ़ी)

– डॉ. प्रीति शर्मा (रामपुर पीएचसी, कैमूर)
– एजेंसी

Reactions