कांग्रेस ने फेसबुक के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग को पत्र लिखा: Congress send to latter Facebook

कांग्रेस ने फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग को पत्र लिखा

नई दिल्‍ली, Nit. :

कांग्रेस ने फेसबुक और बीजेपी के कथित सांठगांठ के मुद्दे को और हवा दे दी है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने फेसबुक के संस्थापक और सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग को फेसबुक इंडिया का बीजेपी के साथ रिश्तों को लेकर शिकायती पत्र लिखा है।

पत्र में 14 अगस्त को अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा गया है कि फेसबुक इंडिया पर बीजेपी का पक्ष लेने पर स्पष्ट आरोप लगा है। इसमें कहा गया है, ‘लेख में कहा गया है कि (फेसबुक इंडिया की) मिसेज दास ने चुनाव संबंधित मुद्दों पर बीजेपी का साथ दिया।’
फेसबुक पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का आरोप
चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि फेसबुक इंडिया ने बीजेपी नेताओं की हेट स्पीच तब हटाई जब द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने फेसबुक के पक्षपाती रवैये से पर्दा उठाया। चिट्ठी में कांग्रेस को भारत की आजादी की लड़ाई लड़ने और सभी युवाओं को मतदान का अधिकार देकर चुनावी लोकतंत्र स्थापित करने का श्रेय देते हुए फेसबुक इन संघर्षों पर पानी फेरने का आरोप लगाया गया है। ज़ुकरबर्ग को संबोधित चिट्ठी में कहा गया है, ‘यह बहुत दुखद है कि आपकी कंपनी शायद उन (लोकतांत्रिक) अधिकारों और मूल्यों को कुचलने में जान-बूझकर भागीदार बनी है जिनके लिए हमारे नेताओं ने अपनी जानें कुर्बान कर दी थीं।’
पहले की शिकायतें हुईं नजरअंदाज
कांग्रेस पार्टी की तरफ से वेणुगोपाल ने चिट्ठी में लिखा, ‘जैसा कि आपको अच्छे से पता है कि भारत यूजर्स के लिहाज से फेसबुक और वॉट्सऐप के लिए सबसे बड़ा बाजार है इसलिए हमारे जैसे देशों में फेसबुक से सामाजिक और नैतिक जवाबदेही की उम्मीद और ज्यादा हो जाती है।’ कांग्रेस ने फेसबुक पर उनकी पहली की शिकायतों को बार-बार अनदेखा करने का भी आरोप लगाया। चिट्ठी में कहा गया है कि फेसबुक और वॉट्सऐप के कई अधिकारियों से पहले भी इस तरह की शिकातयतें की गईं लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
कांग्रेस के दो मांगें
चिट्ठी में कहा गया है कि अब भी बहुत देर नहीं हुई है और गलतियों को अब भी सुधारा जा सकता है। चिट्ठी में कहा गया है कि फेसबुक इंडिया की कार्यप्रणाली का निष्पक्षता से जांच की जाए। कांग्रेस ने अपनी चिट्ठी में फेसबुक को दो सुझाव भी दिए। पार्टी ने कहा कि फेसबुक को तुरंत एक उच्चस्तरीय जांच समिति बनाकर फेसबुक इंडिया की लीडरशिप टीम से पूछताछ करवानी चाहिए। वहीं, 2014 से नफरत वाले उन सभी पोस्ट की जानकारी दी जानी चाहिए जिन्हें फेसबुक इंडिया ने अपने प्लेटफॉर्म पर पब्लिश करने की अनुमति दी।
-एजेंसियां
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