Hathras Gang Rape: 15 द‍िन बाद ज‍िंंदगी की जंग हार गई हाथरस की बेटी

नई द‍िल्ली, Nit. :

सामूहिक दुष्कर्म की श‍िकार हाथरस की 19 वर्षीया गैंगरेप पीड़‍िता की आज तड़के 3.30 बजे सफदरजंग अस्पताल में मौत मौत हो गई, लगातार 15 द‍िन तक ज‍िंदगी से जंग लड़ने वाली बेटी आख‍िर मौत से हार गई। सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना को निर्भया पार्ट-2 का नाम दिया गया है। हाथरस की गुड़िया के साथ इस कृत्य के बाद मानवता शर्मसार है। सामूहिक दुष्कर्म के बाद दलित बिटिया की जुबान काटी गई और भयानक जख्म दिए गए थे। हालांक‍ि 14 सितंबर के इस कांड के बाद पुलिस को सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज करने में आठ दिन लगे।

पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने पीड़िता की मौत की पुष्टि की है। युवती के साथ 14 सितंबर को सामूहिक दुष्कर्म की शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया गया था। इसके बाद आरोपियों ने उसपर जानलेवा हमला भी किया था। सोमवार को हालत बेहद गंभीर होने पर उसे अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था।
युवती की मौत के बाद उसके गांव और गांव जाने वाले रास्ते पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। खुद एएसपी प्रकाश कुमार इसकी कमान संभाले हुए हैं। मृतका के शव का दिल्ली में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वहां से शाम तक शव के यहां आने की उम्मीद है। हाथरस और अलीगढ़ से अतिरिक्त पुलिस फोर्स को दिल्ली भेजा गया है।

दिल्ली रेफर के बाद 24 घंटे के भीतर ही तोड़ दिया दम

पीड़िता को सोमवार की सुबह करीब 10 बजे लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के जरिए दिल्ली रेफर किया गया था। उसे सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़िता के भाई के अनुसार मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे उसकी उपचार की दौरान मौत हो गई। दोपहर बाद उसका शव हाथरस लाने की संभावना है।
भाई और स्वजनों में पीड़िता को एम्स में भर्ती न कराने को लेकर नाराजगी है। भाई ने बताया कि डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों ने उसे एम्स में भर्ती कराने की लिए बोला था, लेकिन उसे एम्स में न रखकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।

पूरा घटनाक्रम 

अनुसूचित जाति की पीड़िता को गंभीर हालत में 14 सितंबर की सुबह स्वजन कोतवाली चंदपा लेकर आए थे। यहां से पुलिस ने उसको जिला अस्पताल भिजवाया, जहां से गंभीर हालत में अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया था। मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने गांव के ही संदीप पर जानलेवा हमला और एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था। इधर लड़की की हालत में कई दिन तक सुधार नहीं आया। इस मामले की विवेचना कर रहे सीओ सादाबाद ब्रह्मसिंह ने पीडि़ता के बयान दर्ज किए। बयानों के आधार पर मामले में सामुहिक दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाईं थीं। संदीप के साथ-साथ उसके तीन अन्य साथियों को भी नामजद किया गया। पुलिस चारों आरोपितों को जेल भेज चुकी है।

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