Hathras Kand: गिरफ्तार पत्रकार पर टेरर कानून के तहत केस, पत्नी ने पूछा ये कैसा लोकतंत्र

हाथरस, Nit. :
हाथरस गैंगरेप कांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जातीय दंगा फैलाने की साजिश होने का आरोप लगाया गया है. इस साजिश को लेकर जांच की जा रही है, जिसमें चार लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनमें एक केरल के पत्रकार भी शामिल हैं, जिनपर UAPA के तहत केस दर्ज किया गया है. अब इस मामले में केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की पत्नी रेहाना ने बयान दिया है और यूपी सरकार के एक्शन पर सवाल खड़े कर दिए गए हैं.  रेहाना कप्पन के मुताबिक, उनके पति पिछले 6-7 साल से दिल्ली में हैं. पिछले महीने वो घर पर आए थे, हमारे तीन बच्चे हैं जो पढ़ते हैं. PFI के लिंक को लेकर पत्रकार की पत्नी ने बताया कि वो ऐसे किसी संगठन के लिए काम नहीं करते थे. लेकिन तेजस के लिए काम करते वक्त शायद संपर्क किया हो लेकिन वो काम के लिए होगा. उन्होंने मुझे बताया था कि वाहन से हाथरस जाना काफी मुश्किल होगा और फिर वहां से खबर निकालना. पत्नी ने कहा कि अगर एक पत्रकार पर ही टेरर का चार्ज लगेगा तो फिर कैसा लोकतंत्र? पत्नी के मुताबिक, उनके पति काम के लिए ही हाथरस जा रहे थे. वो उन तीन लोगों के साथ हाथरस इसलिए गए क्योंकि खुद के वाहन के लिए पैसे नहीं थे. पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों पर सिद्दीकी कप्पन की पत्नी ने कहा कि वो सिर्फ खबर के लिए जा रहे थे, लेकिन पुलिस जो दावे कर रही है गलत है. वो काम के लिए जाएंगे तो लैपटॉप रखेंगे ही, ये भी जहां वो काम करते हैं वहां से मिला है. हमें विश्वास है कि जल्द ही सच सामने आएगा, लेकिन जो आरोप लगाए गए हैं पूरी तरह गलत हैं.  मुजफ्फरनगर के अतीक के भाई मतीन का कहना है कि मेरे भाई एम्स अस्पताल जा रहे थे, दिल की बीमारी की दवाई लेने. पुलिस जो कह रही है वो गलत है, वो PFI नहीं बल्कि CFI संगठन के लिए काम करते हैं. गौरतलब है कि यूपी पुलिस ने सोमवार को मथुरा के रास्ते में चार लोगों को गिरफ्त में लिया था. इनमें मुजफ्फरनगर के अतीक-उर रहमान, बहराइच के मसूद अहमद, रामपुर के आलम और केरल के मलप्पुरम के सिद्दीकी कप्पन को गिरफ्तार किया था. इन चारों पर यूपी पुलिस ने हाथरस के बहाने माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है. पुलिस ने इन सभी पर UAPA के तहत केस दर्ज किया है.
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