आम्रपाली में 2500 परिवारों को मार्च 2021 तक मिल जाएगा उनका घर: NBCC

ग्रेटर नोएडा, Nit. :
आम्रपाली की विभिन्न परियोजनाओं को पूरा करने में जुटी NBCC की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2021 तक 2500 परिवारों को घर मिल जाएंगे। इसके लिए 15 हजार से अधिक कामगार निर्माण कार्यों में जुटे हैं। 170 इंजीनियरों की निगरानी में ये कामगार 39 हजार 17 फ्लैट और विला आदि बनाने में जुटे हैं। दिवाली से पहले 695 घर तैयार हो गए हैं। इन पर पर कब्जा दे दिया गया है। एनबीसीसी ने कहा है कि 9 से 36 माह के भीतर घरों पर कब्जे देने की पूरी संभावनाएं हैं।
एनबीसीसी के कार्यकारी निदेशक आरके अग्रवाल ने कहा है कि निर्माण की गति बनाए रखने के लिए बायर्स को बकाया भुगतान करने में तेजी लानी चाहिए। इस समय नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 18 जगहों पर काम चल रहा है। इनमें 39017 आवास तैयार हो रहे हैं। सभी 18 साइटों पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा है कि काम की तेजी को बनाए रखने के लिए बायर्स को बकाया चुकाने में भी तेजी लानी होगी। तभी निर्माण की गति बनी रह पाएगी।
निर्माण के दौरान प्रदूषण न फैले, इसको लेकर इंतजाम किए गए हैं। नोएडा-ग्रेनो की साइट्स पर 19 प्रदूषण रोधी गन तैनात की गई हैं। इनसे प्रदूषण से लड़ाई लड़ी जा रही है। हर रोज इन्हें साइट पर चलाया जा रहा है। ठेकेदार कंपनियों के अलावा एनबीसीसी के अधिकारी और इंजिनियर इस पर नजर बनाए हुए हैं। निर्माण सामग्री को हरे रंग के कपड़े से ढका गया है। धूल न उड़े, इसके लिए हर रोज पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
ड्रीम वैली फेज-2 का काम भी हुआ शुरू
वरोना हाइट 1 और 2 की निविदाएं जारी हो चुकी हैं। इनमें 4964 घर हैं। इनका टेंडर जल्द आवंटित किया जाएगा। हार्ट बीट-1 और 2 के लिए निविदा भी जारी हैं। इनमें 1976 आवासीय इकाइयां हैं। इनको भी जल्दी ही आवंटित हो जाएगा। ड्रीम वैली की फेज-2 परियोजना पर बुधवार से ही काम शुरू हुआ है। यह कार्य गिरधारी लाल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड कर रही है। इस परियोजना में 8302 घर तैयार होने हैं।
आम्रपाली की साइट्स को लड़ियों से सजाया गया है
दिवाली को देखते हुए आम्रपाली की कई साइट्स को रंगबिरंगी लड़ियों से सजाया गया है। इन्हें देखने के बाद बायर्स को उम्मीद जगी है कि अब काम समय पर पूरा हो सकेगा। बायर्स का कहना है कि अब से पहले ये साइट खंडहरों में तब्दील हो गईं थीं। इन्हें देखकर लगता था कि उनके घर का सपना कहीं सपना ही न रह जाए। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त कोर्ट रिसीवर आर वेंकटरमानी ने बायर्स को लोन जारी कराने के लिए बैंक ऑफ महाराष्ट्र और एचडीएफसी के साथ करार किया है।
ऐसे में बायर्स को बकाया रकम चुकाने में आसानी होगी। इनके अलावा अन्य बैंकों से भी बात चल रही है। निर्माण पूरा करने के लिए परियोजनाओं को तीन ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-1 के आवंटियों को चार और ग्रुप-2 व तीन के बायर्स को 10 किस्तों में सर्विस टैक्स के साथ बकाया चुकाना है। बकाया रकम यूको बैंक में खोले गए एनबीसीसी के अकाउंट में देनी होगी।
-एजेंसियां
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