Panchayat Election 2021: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए अध्यक्ष पद की आरक्षण नीति घोषित

लखनऊ, Nit. :
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 को लेकर आरक्षण नीति जारी होने के बाद शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण पर भी मुहर लग गई। यूपी सरकार ने शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण की घोषणा की। इसके तहत जिला पंचायत अध्यक्ष के 27 पद जहां अनारक्षित यानी सामान्य रहेंगे वहीं 12 सीट महिला और 27 सीटें ओबीसी के खाते में गई हैं। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष की 16 सीटें एससी में आरक्षित की गई हैं।
जिला पंचायत के आरक्षण की स्थिति शुक्रवार को साफ हो गई है। शासन के मुताबिक जिला पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की लिस्ट जारी कर दी गई है। 27 जिला पंचायत अध्यक्ष सीट अनारक्षित श्रेणी से होंगे, जबकि 48 आरक्षित। इनमें अनुसूचित जाति की 16 (6 महिला), पिछड़ी जाति की 20 (7 महिला) और 12 सीटें सामान्य महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

इस आधार पर आरक्षण
इससे पहले गुरुवार को शासन ने आरक्षण नीति जारी कर दी थी। नीति में साफ है कि वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के लिए आरक्षण की जो स्थिति थी, वह इस बार बदलेगी। आरक्षण नीति में वर्ष 1995 से 2015 तक तय आरक्षण को संज्ञान में रखा जाएगा। उधर, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर परिसीमन को पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका है।
एससी और ओबीसी के लिए कभी आरक्षित नहीं हुईं दो जिला पंचायत
पूरे प्रदेश में 2 जिला पंचायत ऐसी हैं जो आज तक एससी और ओबीसी के लिए आरक्षित ही नहीं हुईं। वहीं, 7 जिला पंचायतें ऐसी हैं, जो कभी भी महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं हुईं। ऐसी जिला पंचायतों को वरीयता मिलेगी।
2015 के मुकाबले बदली रहेंगी सीटें
पंचायतीराज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव में 2015 में जो आरक्षण की स्थिति थी, वह इस चुनाव में नहीं होगी। जो पद या सीटें एससी-एससी या महिला के आरक्षित थे, वे इस बार अनारक्षित और ओबीसी के हो सकते हैं। कोई भी ऐसा पद जो आज तक एससी के लिए आरक्षित नहीं हुआ, वह एससी के लिए आरक्षित हो सकता है। ऐसा ही ओबीसी और महिला सीटों और पदों के लिए भी होगा।
जल्द तय होगी ग्राम पंचायतों के आरक्षण की स्थिति
मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 826 ब्लॉकों में जिलेवार किस श्रेणी में आरक्षण होगा, यह राज्य स्तर पर जारी किया जाएगा। जिला पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया भी राज्य स्तर पर जारी होगी। डीएम 2 से 3 मार्च के बीच प्रधानों, ग्राम पंचायत, क्षेत्र और जिला पंचायत के आरक्षित प्रदेशिक आरक्षण निर्वाचन क्षेत्र के आवंटन की प्रस्‍तावित सूची का प्रकाशन करके आपत्तियां मांगेंगे। 4 मार्च से 8 मार्च तक लिखित आपत्ति दर्ज करवाई जा सकती हैं। 10 से 12 मार्च के बीच आपत्तियों को निपटाते हुए फाइनल सूची तैयार की जाएगी। 15 मार्च तक जिला अधिकारी को निदेशालय को आरक्षण की अंतिम सूची उपलब्ध करवाने को कहा गया है।
बीडीसी और प्रधान की सीट पर ऐसा होगा आरक्षण
सिंह ने बताया कि 826 क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों में से पांच अनुसूचित जनजाति के होंगे, जबकि 171 अनुसूचित जाति के और पिछड़ा वर्ग के 223 होंगे। ग्राम प्रधानों 330 अनुसूचित जनजाति से, 12,045 अनुसूचित जाति से और 15,712 पिछड़ी जाति से होंगे।

इतने पदों पर पड़ेंगे वोट
58,194 ग्राम प्रधान
7,31,813 ग्राम पंचायत सदस्य
75,805 क्षेत्र पंचायत सदस्य
3,051 जिला पंचायत सदस्य
-एजेंसियां
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