दो किशोरियों की मौत के बाद Unnao Junction जिला एक बार फिर सुर्खियों में

उन्नाव, Nit. :
उत्तर प्रदेश का उन्नाव जिला एक बार फिर नेशनल लेवल पर सुर्खियों में है। बुधवार की शाम खेत में गई 3 किशोरियां अचेत अवस्था में मिली। इसमें दो की मौत हो गई। सूचना पर गांव में कई थानों की पुलिस लगाई गई है। कुछ लोग धरने में बैठकर सबके सामने बातचीत होने की शर्त रख रहे हैं। उधर, किशोरी काजल की मां बिटोला ने बताया कि उनकी बेटी बुधवार की शाम रोशनी और कोमल के साथ निकली थी। फिर लौट कर घर नहीं आई। पड़ोसियों ने बताया कि तीनों में गहरी दोस्ती थी और रोज एक साथ चारा लेने के लिए जाती थीं। 12 घंटा से ज्यादा बीत जाने के बाद भी मौत के रहस्य से पर्दा नहीं उठा है।
उधर, उन्नाव जिला प्रशासन ने पोस्टमॉर्टम के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के कागज पाने के बाद कार्यवाही की जाएगी। अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार पांडे, चार सीओ सहित आधा दर्जन से ज्यादा थानों की पुलिस मौके पर तैनात है। जगह-जगह बैरियर लगाकर आने-जाने वालों को नियंत्रित किया जा रहा है।
पिता बोले, बस न्याय चाहते हैं
पुलिस ने पूछताछ के लिए घर वालों को थाने पर बैठाया था। लेकिन ग्रामीण और राजनैतिक नेताओं के आक्रोश के बाद मृतका काजल के पिता सूरज पाल को पुलिस ने छोड़ दिया। गांव पहुंचे सूरत पाल ने बताया कि उनके ऊपर किसी का कोई दबाव नहीं है। वह न्याय चाहते हैं।
पुलिस के खिलाफ नारेबाजी
गांव में राजनीतिक नेताओं का भी जमावड़ा लगा हुआ है। गांव के अंदर राजनीतिक दलों के लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने परिवार वालों को बंधक बना लिया है। बीएसपी के जिला सचिव जय नारायण गौतम ने बताया कि पुलिस परिजनों को किसी से मिलने नहीं दे रही।
अस्पताल के बाहर हंगामा
दोनों लड़कियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में लड़कियों के शरीर में जहरीला पदार्थ मिलने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए गांव में पीड़ित परिवार के घर के पास बैरिकेडिंग कर दी है। इससे पहले भीम आर्मी के लोगों ने रीजेंसी हॉस्पिटल का किया घेराव किया। इसी अस्पताल में तीन में जिंदा बची एक लड़की का इलाज चल रहा है। भीम आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन किया। इन लोगों की मांग है कि पीड़िता को दिल्ली के एम्स रेफर किया जाए।
शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान
कानपुर रीजेंसी के डॉक्टर परमजीत सिंह ने बताया कि वेंटीलेटर पर किशोरी की हालत स्थिर बनी हुई है। किशोरी जिस हालत में लाई गई थी उसकी हालत अभी भी वैसी ही बनी है। उसके शरीर में किसी भी अंग पर कोई भी चोट का निशान नहीं मिला है। डॉ. रश्मि कपूर समेत 6 डॉक्टरों की निगरानी में पीआईसीयू में इलाज जारी है।
मौके पर पहुंची पुलिस बल से हुई तीखी नोकझोंक
पुलिस प्रशासन जेसीबी से मृतक किशोरियों को दफनाने के लिए गड्ढा खोदने आई थी। जिसका परिजनों ने जबरदस्त विरोध किया। विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन को अपना पैर वापस खींचना पड़ा। पुरवा विधायक अनिल सिंह भाजपा जिलाध्यक्ष राजकिशोर रावत के साथ मौके पर पहुंचे और मृतक बच्चियों के परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
परिवार से जानकारी के आधार पर जांच
यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि दो लड़कियों की मौत हो चुकी है जबकि एक लड़की अभी जिंदा है। जिला अस्पताल की सिफारिश पर लड़की को कानपुर शिफ्ट किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी इस मामले का संज्ञान ले रहे हैं। फिलहाल परिवार की तरफ से उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर जांच चल रही है।
-एजेंसियां
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