Pakistan के लाहौर किले में खुदाई के दौरान मिली 400 साल पुरानी सुरंग, सामने आई बड़ी सच्चाई

लाहौर किले में 21 स्मारक हैं, जिनमें से कुछ सम्राट अकबर के काल के हैं. पिछले कुछ समय से इस किले में मरम्मती का काम चल रहा है. इसी दौरान इस सुरंग की खोज की गई है. बताया जा रहा है कि यह सुरंग तकरीबन चार सौ साल पुरानी है.

पाकिस्तान, Nit. : दुनिया में हमेशा कोई ना कोई ऐसी चीजें मिलती रहती हैं, जिसके बारे में जानकर और सुनकर काफी हैरानी होती है. कई बार तो चीजें हमें आश्चर्यचकित कर देती है. ताजा मामला है पाकिस्तान का, जहां लाहौर किले में खुदाई के दौरान एक चार सौ साल पुरानी सुरंग मिली है. इस सुरंग को देखने के बाद हर कोई हैरान रह गया. क्योंकि, चार सौ साल पुरानी होने के बावजूद सुरंग पूरी तरह से सुरक्षित है. 

आइए, जानते हैं क्या है पूरा मामला?
दरअसल, लाहौर किले में 21 स्मारक हैं, जिनमें से कुछ सम्राट अकबर के काल के हैं. पिछले कुछ समय से इस किले में मरम्मती का काम चल रहा है. इसी दौरान इस सुरंग की खोज की गई है. बताया जा रहा है कि इस सुरंग की मजबूती पहले जैसी ही है. यह पूरी तरह से हवादार है और रोशनी भी सुरंग में पहुंच रही है. सुरंग के अंदर अब भी कई गुप्त मार्ग हैं. कहा ये भी जा रहा है कि हाल में इस सुरंग का इस्तेमाल गुप्त मार्ग और जल निकासी के लिए किया गया था.
                      400 साल पुरानी सुरंग

‘किले में थी सात परतें’
लाहौर के मध्य में स्थित इस सुरंग की दीवारें काफी मजबूत हैं. डब्ल्यूसीएलए के उप-इंजीनियर हाफिज उमरन जो इस परियोजना पर काम कर रहे थे उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले जब मोती मस्जिद और मकतब खाना के पुनर्वास और नवीकरण का काम शुरू किया गया था, तो खुदाई के दौरान सुरंग के निशान पाए गए थे. प्राचीन जलमार्ग से जल निकासी और वर्षा जल को सक्षम करने के लिए 625 फुट लंबी सुरंग की मरम्मती की गई थी. बारिश के मौसम में किले में एकत्रित पानी सुरंगों में जमा हो जाता था, जिससे किले के विभिन्न हिस्सों को नुकसान होता था. उन्होंने कहा कि खुदाई के दौरान सुरंग से काफी सांप और बिच्छू मिले हैं. हाफिज ने कहा कि हम खुश हैं कि सुरंग अब तक कार्यात्मक है. वहीं, पुरातत्व विशेषज्ञों का कहना है कि इस किले में सात परतें थी, जो इस तथ्य पर जोर देती हैं कि इसे सात बार ध्वस्त किया गया और बनाया गया है.
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