UP Panchayat chunav: इंतजार हुआ खत्म, नई आरक्षण सूची जारी, ये रही पूरी जानकारी

यूपी में जिला पंचायत क्षेत्र व ग्राम पंचायत की आरक्षण की नई सूची जारी कर दी गई है। जिसमें करीब 10 प्रतिशत स्थानों में पहले की सूची से बदलाव किया गया है। ब्लॉक प्रमुख के सभी 10 स्थानों के लिए पहले जैसा आरक्षण है इसमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष का आरक्षण पहले ही घोषित हो चुका है।

जिसमें पूर्व की तरह उसे अनुसूचित जाति के खाते में रखा गया है। क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत के कुछ ऐसे स्थानों में बदलाव किया गया है, जहां अनुसूचित जाति थी वहां पिछड़ा वर्ग और जहां सामान्य था वहां पिछड़ा वर्ग महिलाा आरक्षित कर दिया गया है। जिससे पूर्व में चुनाव की तैयारी कर रहे कई दावेदारों को झटका लगा है। इसमें 23 मार्च तक लोग अपनी आपत्तियां जिला पंचायत राज अधिकारी के पास दर्ज करा सकते हैं।

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महोबा: नई आरक्षण सूची में महिलाओं का दबदबा
न्यायालय के आदेश के बाद नए सिरे से 2015 के क्रम में आरक्षण सूची जारी कर दी गई है। महोबा में सूची चस्पा होने के बाद इसको लेकर डीपीआरओ कार्यालय के बाहर देखने वालों की भीड़ लगी रही। दावेदार सुबह से अपनी सीट का हाल जानने के लिए अधिकारियों को फोन घनघनाते रहे। नई आरक्षण सूची में महिलाओं का दबदबा दिखा।

सूची जारी होने के बाद कई सीटें बदल गई हैं। जिला पंचायत व ब्लॉक प्रमुख की सीटों पर सबसे ज्यादा लोग नजर बनाए हुए थे। जिला पंचायत सदस्य की 14 सीटों में से दो सीटें अनुसूचित जाति महिला, दो अनुसूचित जाति, एक पिछड़ा वर्ग महिला, दो सीटें पिछड़े वर्ग के लिए, दो सामान्य महिला और पांच सीटें अनारक्षित की गई हैं।

जिले के 4 ब्लॉकों का आरक्षण भी घोषित कर दिया गया है। जिसमें से कबरई ब्लॉक को अनारक्षित, पनवाड़ी को अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। जैतपुर पिछड़ा वर्ग व चरखारी पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित है। चारों विकास खंडों की 273 ग्राम पंचायतों का भी आरक्षण घोषित होने के बाद दावेदारों ने नए सिरे से चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। नए आरक्षण में महिलाओं के भागीदारी काफी अधिक है। जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए अनुसूचित जाति महिला का आरक्षण पहले ही जारी हो चुका है।

जिन सीटों का आरक्षण बदल गया वहां दावेदारों को मायूसी हाथ लगी है। आरक्षण बदलने से दावेदारों ने अपने बैनर-पोस्टर छपने के लिए ऑर्डर दे दिए थे अब उन्हें कैंसल कराने के लिए जुट गए हैं। डीपीआरओ संतोष कुमार ने बताया कि सभी सीटों का आरक्षण जारी कर दिया गया है। 26 मार्च को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, बीडीओ कार्यालय, डीपीआरओ कार्यालय 23 मार्च शाम पांच बजे तक आपत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं।

फर्रुखाबाद: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण की सूची जारी
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वर्ष 2015 के अनुसार आरक्षण की प्रस्तावित सूची जारी कर दी गई है। इसमें ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य व प्रधान पदों के आरक्षण में 15 से 20 फीसदी बदलाव हुआ है। इससे मौका खो चुके दावेदारों को एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने का अवसर मिल गया है। वहीं चुनाव प्रचार में जुटे कुछ दावेदारों के हाथ से मौका निकल जाने से उन्हें तकड़ा झटका लगा है।

जालौन: नए आरक्षण में बदली कईं सीटें
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए कोर्ट के आदेश के बाद जारी किए गए आरक्षण में उन दावेदारों को निराशा मिली है जो चुनावी दंगल में पूरी तरह उतर चुके थे। सभी नौ ब्लॉकों में नए आरक्षण में कई सीटें बदल गई हैं। जिला पंचायत में गोहन, कुठौंद, चतेला की सीटें आरक्षण में बदल गई। इसी तरह हर ब्लॉक में प्रधान पद पर 15 से 20 फीसदी बदलाव हुआ है।

हरदोई: नई सूची में अधिकांश सीटों में फेरबदल
संशोधित शासनादेश के आधार पर हरदोई जनपद की 1306 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के अनंतिम आरक्षण की सूची जारी कर दी गई। शासनादेश में बदलाव के बाद अधिकांश सीटों में फेरबदल हो गया है। 1306 ग्राम पंचायतों में से अनुसूचित जाति के लिए 300 सीटें आरक्षित की गई हैं। इनमें अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए भी 194 सीटें शामिल हैं। पिछड़ा वर्ग के लिए 349 सीटें आरक्षित की गई हैं, जिनमें पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए 229 सीटें आरक्षित हैं। महिलाओं के लिए 215 सीटें आरक्षित की गई हैं, जबकि 442 सीटें अनारक्षित हैं।

औरैया: सपा एमएलसी कमलेश पाठक की ग्राम पंचायत हुई सामान्य
कोर्ट की आपत्ति के बाद जारी नई आरक्षण सूची में फेरबदल किया गया है। इसमें बड़ी ग्राम पंचायतों की सीटें सामान्य होने से सवर्णों के चेहरे खिल उठे हैं। अब वे फिर से चुनाव लड़ने की गुणागणित में लग गए हैं। सदर ब्लॉक में क्योंटरा, खानपुर, भड़ारीपुर, महौली, सड़रापुर आदि सीटें सामान्य हो गई हैं।

इसमें क्योंटरा सांसद का गोद लिया गांव है और सवर्ण बहुल है। वहीं खानपुर मुस्लिम बहुल होने के बावजूद सामान्य हुई है। इससे यहां अब कोई भी चुनाव मैदान में उतर सकता है। पहले यह सीट आरक्षित थी। वहीं भड़ारीपुर इस बार सामान्य सीट हुई है। पिछली बार यह सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित थी। यह सपा एमएलसी कमलेश पाठक का पैतृक गांव है। वर्तमान में सभी भाई दोहरे हत्याकांड में जेल में हैं।

इटावा: सैफई में कायम रह सकता है मुलायम परिवार का दबदबा
इटावा जिले में नई आरक्षण सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में सैफई ब्लॉक प्रमुख पद हुआ अनारक्षित हो गया है। यहां 25 साल से काबिज प्रमुख के पद पर मुलायम  सिंह यादव के परिवार की दावेदारी बरकरार रहेगी।
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