Corona virus के बढ़ते कहर को देखते हुए दिल्‍ली सरकार ने कई पाबंदियां लगाईं

दिल्ली में 1 अप्रैल से 11 अप्रैल तक 62,737 कोरोना केस आए हैं और 256 मरीजों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में अभी 26,631 एक्टिव केस हैं और इसमें से 4,732 अस्पतालों में एडमिट हैं।
दिल्‍ली में क्‍या-क्‍या पाबंदियां लगी हैं?
सभी तरह के सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षिक, सांस्‍कृतिक और धार्मिक आयोजन और समारोह प्रतिबंधित।
सभी स्विमिंग पूल्‍स बंद रहेंगे (राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय इवेंट्स में हिस्‍सा लेने आए एथलीट्स जहां रुकेंगे, वहां लागू नहीं)।
अंतिम संस्‍कार में अधिकतम 20 लोग और शादियों में अधिकतम 50 लोग शामिल हो सकेंगे।
सभी रेस्‍तरां और बार अपनी सीटिंग कैपेसिटी के 50% पर ऑपरेट करेंगे।
बसों में भी 50% सीटें ही इस्‍तेमाल होंगी।
दिल्‍ली मेट्रो के भीतर एक वक्‍त में 50% सीटों पर ही यात्री बैठ सकेंगे, वह भी सोशल डिस्‍टेंसिंग के साथ।
स्‍टेडियम में खेल से जुड़ें इवेंट्स की इजाजत है मगर दर्शक नहीं जा सकेंगे।
सिनेमा, थियेटर्स और मल्‍टीप्‍लेक्‍सेज में 50% सीटिंग कैपेसिटी की लिमिट।
सभी स्‍कूल, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टिट्यूट्स, कोचिंग सेंटर्स बंद रखे जाएंगे।
दिल्‍ली सरकार के सभी कार्यालय, पीएसयू, निगमों और स्‍थानीय निकायों में ग्रेड-1 या उस बराबर के अधिकार 100% क्षमता से काम करेंगे लेकिन बाकी जगह 50% लोग ही आ पाएंगे। पुलिस, स्‍वास्‍थ्‍य, सिविल डिफेंस, फायर और इमर्जेंसी को कोई छूट नहीं।
निजी संस्‍थाओं और कार्यालयों से अपने स्‍टाफ को अलग-अलग वक्‍त पर बुलाने को कहा गया है ताकि एक साथ सब जमा न हो जाएं। वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें।
महाराष्‍ट्र से दिल्‍ली आने वाले सभी हवाई यात्रियों को निगेटिव RT-PCR रिपोर्ट दिखानी होगी जो 72 घंटों से ज्‍यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए।
बिना निगेटिव रिपोर्ट के आने वालों को 14 दिन तक क्‍वारंटीन किया जाएगा। इसमें सरकारी और संवैधानिक मशीनरी से जुड़े लोग शामिल नहीं हैं।
दिल्‍ली में सख्‍ती बरतने के पीछे है यह ट्रेंड
केजरीवाल सरकार को सख्‍ती इसलिए बरतनी पड़ रही है क्‍योंकि दिल्‍ली में कोरोना बड़ी तेजी से फैल रहा है। पिछले 5 दिन में ही नए केस लगभग दोगुने आने लगे हैं।
राजधानी में पिछले महीने के अंतिम हफ्ते से कोविड-19 का प्रकोप बढ़ना शुरू हुआ। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली में लॉकडाउन नहीं लगाना चाहती लेकिन अगर अस्पतालों में भीड़ बढ़ गई और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए बिस्तर उपलब्ध नहीं रहे तो लॉकडाउन लगाया जा सकता है।
-एजेंसियां
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