IHT ने धूमधाम से मनाया बाबासाहब का 130वां जन्मदिवस

ग्रेटर नोयडा, Nit. : 
आज 14 अप्रैल 2021 को बोधिसत्व बाबा साहब डॉक्टर बी आर अंबेडकर जो कि भारत के संविधान के निर्माता हैं, उन का आज 130 वां जन्मदिवस है। इस दिवस पर इंस्टिट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी के संस्थापक श्री संदीप सूदन जी, निर्देशक
डॉ आर एस कुरील, कॉलेज निदेशक डॉ विजय कॉल एवं रजिस्टर श्री संजीव कुमार तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने बड़े हर्षोल्लास के साथ में मनाया।
इस अवसर पर भारत रत्न बाबा साहब के द्वारा किए गए कार्यों पर एक समारोह प्रस्तुत किया गया जिसमें डॉ आर एस कुरील निर्देशक, इंस्टिट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी ने सभागार में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों को बाबा साहब डॉक्टर बी आर अंबेडकर के द्वारा किए गए कार्यों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने बताया बाबा साहब डॉक्टर बी आर अंबेडकर के द्वारा लिखी गई जो एमएससी की तिथि स्कूल में जमा की गई थी जिसका विषय था प्रॉब्लम्स ऑफ रूपीज एंड करेंसी इन इंडिया थिसिस को हिल्टन एंड कमीशन ने पढ़ा और 1933 में उस थिसिस को लेकर इंडिया में आए। जिसे डॉक्टर भीम राव अंबेडकर ने भारत में चर्चा की और उसके आधार पर उन्होंने हिल्टन एंड कमीशन ने भारतवर्ष में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को गठित करने की अनुशंसा की। जोकि रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट 1934 कानून के द्वारा गठित की गई। इसी प्रकार से बाबा साहब डॉ भीम राव अंबेडकर संविधान सभा के अध्यक्ष थे और उन्होंने संविधान की रचना 2 साल 11 महीने 18 दिनों में पूरी की जिसमें 2600 से ज्यादा प्रश्न उत्पन्न हुए। बाबा साहब ने उन सभी को संविधान सभा में उपस्थित सभी सदस्यों के सामने रखी और चर्चा के अनुरूप जो भी निर्णय लिए गए उन निर्णय को शामिल करते हुए एक दुनिया के 1 बड़े संविधान का निर्माण किया। इसके लिए 1990 में बाबा साहब को भारत रत्न की उपाधि दी गई। 

बाबा साहब देश के प्रथम कानून मंत्री बने परंतु हिंदू कोड बिल लाने के लिए इसमें महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षा एवं संरक्षा दी जानी थी जिसका पार्लियामेंट में विरोध किया और डॉ राव इस कानून को नहीं ला पाए। विरोध में उन्होंने अपने कानून मंत्री के पद से त्यागपत्र दिया जो बाद में हिंदू कोड बिल बाद में पारित हुआ लेकिन उस समय नहीं हुआ था इसी प्रकार बाबा साहब ने देश के गरीबों, वंचितों, दलितों, आदिवासियों एवं महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा के लिए संविधान में विभिन्न प्रावधान किए, जिनके आधार पर देश में इन सभी लोगों का एक अच्छा मान सम्मान मिला और शिक्षा में अवसर मिला। 

निर्देशक डॉ आर एस कुरील ने समारोह के अंत में इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी की ओर से सभी को बाबासाहब के 130वें जन्मदिवस की बधाई देते हुए शिक्षा के पक्ष में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन दिया।
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