Eid-al-Adha Celebration 2021: कोरोना संकट के साये में सादगी से मनाई गई बकरीद, कम्पिल निजामुद्दीनपुर व जिले की ईदगाहों में पसरा रहा सन्नाटा

फर्रुखाबाद/कम्पिल, N.I.T. : कोरोना काल में पाबंदियों के साथ बुधवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) की खुशियां मनाई गई। सुबह लोगों ने मस्जिदों में नमाज अदा की और एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। इस दौरान कोविड प्रोटोकाल का भी ख्याल रखा गया। 

बकरीद पर फर्रुखाबाद जिले की सभी ईदगाहों सहित कम्पिल कस्बे के गाँव निजामुद्दीनपुर की बड़ी ईदगाह में सन्नाटा पसरा रहा। कस्बे के ही गाँव कटिया, समाऊद्दीनपुर, इकलहरा व अन्य गाँवों की ईदगाहों में भी यही स्थिति रहीेेे। नमाज के बाद कोरोना से पूरी तरह निजात तथा अगले वर्ष बिना बंदिशों के त्योहार मनाने की दुआ की गई। 
जिलेभर की सभी ईदगाहों में पसरा रहा सन्नाटा:-
बता दें कि पिछले वर्ष ईदगाहों व मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा नहीं की गई थी, लोगों ने घर पर ही नमाज पढ़ी थी। इस बार कोरोना संक्रमण में कमी तथा लाकडाउन न होने से मस्जिदों में निर्धारित संख्या में नमाज अदा करने की इजाजत दी गई थी। अधिक भीड़ न हो इसको लेकर ईदगाहों में नमाज पढ़ने पर पाबंदी थी। ईद-उल-अजहा को लेकर फर्रुखाबाद जिले के शहरकाजियों व उलमा ने कोविड प्रोटोकाल का पालन करने सहित कई अन्य हिदायत भी दी थी। बुधवार को इसका असर भी दिखाई दिया। ईदगाह प्रबंध कमेटी ने बड़ी ईदगाह को बंद रखा। 
लोगों ने मस्जिदों में जाकर ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। नमाज के दौरान अधिक भीड़ न हो इसके लिए कई मस्जिदों में दो बार भी नमाज अदा कराई गई। नमाज खत्म होने के बाद एक दूसरे को मुबारकबाद देने का सिलसिला चलता रहा। 
नमाज के दौरान ईदगाहों व मस्जिदों के बाहर पुलिस तैनात रही।
नमाज के बाद जानवरों की दी गई कुर्बानी:- 
ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद जानवरों की कुर्बानी दी गई। छोटे जानवर पर जहां एक व्यक्ति ने कुर्बानी कराई वहीं बड़े जानवरों की कुर्बानी में सात लोगों ने हिस्सा लिया। कुर्बानी के गोश्त के तीन हिस्से किए गए। एक हिस्सा गरीबों व जरूरतमंदों को दिया गया। एक हिस्सा दोस्तों व रिश्तेदारों में बांटा गया। एक हिस्सा अपने इस्तेमाल के लिए रखा गया।
दूरियां नजदीकियों में बदली, इंटरनेट सोशल मीडिया के माध्यम से दी गई मुबारकबाद:- 
कोरोना काल में तीसरी लहर की आशंका के चलते त्योहार मनाने में सतर्कता भी बरती गई। लोगों ने बकरीद की मुबारकबाद देने के लिए इंटरनेट सोशल मीडिया का इस्तेमाल अधिक किया। विदेश में रह रहे लोगों ने स्वजन से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बात की और उनको मुबारकबाद दी। दूर रहकर भी एक दूसरे से त्योहार की खुशियां बांटी। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से दूरियां नजदीकियों में बदल गई।
    नहीं लगा मेला, बच्चे रहे उदास:- 
कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते इस वर्ष भी कम्पिल कस्बे के गाँव निजामुद्दीनपुर व आसपास के मुस्लिम समुदाय के गांवों में मेला नहीं लग सका। मेला न लगने से बच्चे उदास रहे। हर वर्ष बच्चों की ईद व बकरीद मेले में ही होती थी। दो वर्षों से कोरोना संक्रमण की वजह से ईद व बकरीद पर मेला नहीं लग रहा है।

रिपोर्टर आमिर खान
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