Indian Farmers Association: नेताओ पुलिस व अपराधी की मौज, जनता परेशान

कायमगंज/फर्रुखाबाद, N.I.T. : भारतीय कृषक एसोसिएशन ने किसान पंचायत के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि बिना किसी चर्चा के लोकसभा में पारित किए गए तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं। क्योकिं अब तक आंदोलन कर रहे 200 से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं, वही बड़ी संख्या में किसानों पर झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं। किंतु सरकार ने अब तक इस काले कानून को वापस नहीं लिया है। उन्होंने कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है। साथ ही कहा है कि रिफाइंड वनस्पति तेलों सहित डीजल पेट्रोल के दाम इतने बढ़ चुके हैं कि आम आदमी परेशान है। उनका आरोप है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की मिलीभगत से आटा बेसन दूध जैसी वस्तुओं में बड़े पैमाने पर मिलावट खोरी करके आम आदमी के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। 

किसान नेताओं का कहना है कि ड्रग इंस्पेक्टर मेडिकल स्टोर संचालकों से हर माह शुल्क लेते हैं इसीलिए नगर में आगरा आदि स्थानों से लाकर नकली दवाइयां खुलेआम बेची जा रही हैं। उनका कहना है कि अब तो ऐसा लग रहा है कि नेता पुलिस और अपराधी मौज कर रहे हैं। पुलिस अपराधियों पर शिकंजा कसने की बजाए उनका स्वागत कर रही है। निर्दोष फसाए और परेशान किए जा रहे हैं। थाने उत्तर प्रदेश में उद्योग धंधो का रूप ले चुके हैं कानून व्यवस्था बे पटरी हो चुकी है। इसीलिए आज महिलाओं बेटियों यहां तक कि छोटी-छोटी किशोरियों तक की इज्जत सुरक्षित नहीं है। बलात्कार जैसी शर्मनाक घटनाएं अब आम बात हो गई है। रेल आदि के किरायों में बेतहाशा वृद्धि गोवंश की हत्याएं देश में बढ़ती बेरोजगारी किसानों की बर्बादी जैसी गंभीर समस्याओं के बाद भी सरकार खुद ब खुद अपनी पीठ थप थपथपाने में लगी है। देश की आर्थिक स्थिति दयनीय हालत में पहुंच चुकी है। उद्योग व्यापार सभी ठप हो चुके हैं। केवल देश के कुछ उद्योगपतियों एवं पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का ही काम सरकार कर रही है। 
जैसे अनेकों गंभीर आरोप लगाते हुए किसान नेताओं ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि सरकार को जनता की आवाज सुनना चाहिए नहीं तो आगामी समय में इसका परिणाम सरकार को ही भुगतना होगा। समय रहते जनता की आवाज सुनो और समस्याओं का तत्काल निदान करो। 

बैठक में किसान नेता मुन्ना लाल सक्सेना, प्रताप सिंह गंगवार, सुनील कुमार दुबे, दुर्गा नारायण मिश्रा, रामवीर यादव, रागिब हुसैन खान, राजपाल गौतम, विनीत कुमार, राज किशोर गुप्ता, शिवराज सिंह शाक्य आदि संगठन पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

(रिपोर्टर अमान खान)
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