Kampil: भाजपा नेताओं की गुंडई से तंग कई ग्रामीण पलायन को मजबूर, ग्रामीणों ने घर के बाहर लगाया ’’मकान बिकाऊ है’’ का नोटिस

फर्रुखाबाद (कम्पिल) N.I.T. : भाजपा की योगी सरकार यूपी मेें कानून व्यवस्था ठीक होने के लाख दावे करे लेकिन धरातल पर न ही भाजपा नेताओं की गुंडई रुक रही है और न ही पुलिस की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव आया है। वहीं प्रदेश के डीजीपी मुकुल गोयल आये दिन नये-नये फरमान जारी करते रहते हैं, लेकिन इसके बाबजूद धरातल पर उनके फरमानों का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। 

कम्पिल थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कमलाईपुर के बिल्हा निवासी भाजपा मण्डल अध्यक्ष सत्यवर्धन सिंह एंव थानाध्यक्ष की मिली भगत से पूर्व प्रधान राजेन्द्र सिंह चैहान सहित करीबन एक दर्जन ग्रामीण पलायन को मजबूर हैं। उन्होने अपने मकान पर ’’मकान बिकाऊ है’’ का पोस्टर चस्पा कर योगी सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र ग्राम पंचायत कमलाईपुर के मजरा बिल्हा निवासी पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह चैहान एवं भाजपा मण्डल अध्यक्ष सत्यवर्धन सिंह के मध्य चुनावी रंजिश के चलते छत्तीस का आंकड़ा रहता था। करीब दो वर्ष पूर्व सत्यवर्धन सिंह को भाजपा मंडल अध्यक्ष चुना गया। सत्ता की हनक में उसने थाना कर्मियों से व्यवहार बनाकर राजेन्द्र सिंह पक्ष के लोगों पर अत्याचार शुरू करवाकर अपनी खुन्नस निकालनी शुरू की। करीब एक वर्ष पहले राजेन्द्र पक्ष के चार लोगों पर हत्या का प्रयास का मुकदमा लगवा दिया गया। जिसकी विवेचना चल रही है। मंडल अध्यक्ष ने विगत एक सप्ताह पूर्व थाना पुलिस से सांठगांठ कर पूर्व प्रधान पक्ष के धर्मेंद्र सिंह का ट्रैक्टर चोरी का होने के आरोप में उठवा कर थाने में खड़ा करवा दिया। पीड़ित ने थाने जाकर ट्रैक्टर के सभी कागज दिखाकर छोडऩे की गुहार लगाई, तो थानाध्यक्ष ने गाली-गलौज करके थाने से भगा दिया। इसके बाद पीड़ित ने उच्चाधिकारियों को कागजात दिखाकर थाना पुलिस की कार्यवाही से अवगत कराया गया। मामले को उच्चाधिकारियों द्वारा संज्ञान में लेने के कारण करीब पांच दिन बाद ट्रैक्टर छोड़ दिया गया। 

वहीं करीब चार दिन पूर्व विधवा सुनीता का 10 वर्षीय पुत्र इंद्रेश दुकान से कुछ सामान खरीदने घर से निकला तो सत्यवर्धन पक्ष के लोगों ने उसे पकड़कर पीट दिया और थाना पुलिस को नाबालिग व उसकी माँ के द्वारा मारपीट करने को झूठी शिकायत की। जिस पर पुलिस बच्चे को उठाकर थाने ले आयी और दो दिन तक हिरासत में रखकर छोड़ दिया। पुलिस उत्पीडऩ से बच्चा काफी सहम गया। अब घर से बाहर निकलने तक से इंकार कर रहा है। इसके बाद थानाध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह ने सहकर्मियों के साथ बिल्हा गांव जाकर राजेन्द्र पक्ष की महिलाओं व बच्चों के साथ जमकर गाली-गलौज किया और गांव छोडऩे को मजबूर करने की धमकी दी।
थानाध्यक्ष व मंडल अध्यक्ष की सांठगांठ के चलते आये दिन पुलिसकर्मी राजेन्द्र पक्ष के लोगों के घरों पर देर रात दस्तक देकर गाली-गलौज करते हैं। जिससे भयभीत राजेन्द्र सिंह पक्ष के श्रीनिवास सिंह, रामवीर सिंह, श्री कृष्ण सिंह, जोगिंदर सिंह, सलकू, राधे सिंह, किशन कुमार, अवनीश सिंह, विधवा सुनीता सहित करीब एक दर्जन परिवार पलायन करने को मजबूर हैं। इन लोगों ने अपने-अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाकर घर बेचने व गांव से पलायन करने की बात कही है। 

वहीं दूसरी ओर थानाध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह ने मीडिया में कहा कि जो आरोप लगा रहे हैं वह बेबुनियाद हैं। मामले की जांच की जा रही है।
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