NVS Girl Student Death Case: मैनपुरी में छात्रा के फांसी लगाने के मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार, डीजीपी को प्रयागराज न छोड़ने का हाईकोर्ट का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस को जमकर लगाई फटकार,  डीजीपी मुकुल गोयल को किया तलब

प्रयागराज, N.I.T. : मैनपुरी (Mainpuri) के नवोदय विद्यालय (Navodaya Vidyalaya) में 11वीं क्लास की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज यूपी पुलिस को जमकर फटकार लगाई। अदालत ने यूपी पुलिस के मुखिया डीजीपी मुकुल गोयल (DGP Mukul Goyal) को कोर्ट में तलब किया। संदिग्ध मौत के मामले में कोई ठोस जवाब नहीं दिए जाने और लापरवाही बरतने के आरोपी मैनपुरी के तत्कालीन एसपी अजय शंकर राय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर गहरी नाराजगी जताई और डीजीपी (DGP) को कल फिर से कोर्ट में मौजूद रहने को कहा। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि डीजीपी मुकुल गोयल और एसआईटी (SIT) टीम के प्रमुख कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल (Mohit Agarwal) कल सुबह 10 बजे फिर से कोर्ट में पेश होंगे। 

तत्कालीन एसपी को जबरन रिटायरमेंट क्यों नहीं दिया गया:-
डीजीपी को कल की पेशी में कोर्ट को ये बताना होगा कि अदालत के आदेश के बावजूद तत्कालीन एसपी को जबरन रिटायरमेंट क्यों नहीं दिया गया। अदालत ने इसके साथ ही डीजीपी को कल की सुनवाई तक प्रयागराज में ही मौजूद रहने को भी कहा है। कोर्ट ने हाईकोर्ट बार के चेयरमैन और सीनियर एडवोकेट अमरेंद्र नाथ सिंह को पीड़ित परिवार का न्याय मित्र नियुक्त करते हुए उनसे मदद करने को भी कहा है। 

डीजीपी खाली हाथ कोर्ट में हाजिर हुए:-
अदालत ने इसके साथ ही यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े किए। मामले की सुनवाई कर रही एक्टिंग चीफ जस्टिस एमएन भंडारी और जस्टिस अनिल कुमार ओझा की डिवीजन बेंच ने कहा कि अदालत की तरफ से बार-बार दिशा निर्देश जारी किए जाने के बावजूद डीजीपी खाली हाथ कोर्ट में हाजिर हुए। उन्होंने ना तो किसी तरह की कार्रवाई की जानकारी दी और ना ही अदालत के पिछले आदेश का अनुपालन किया। 
पुलिस ने ठीक ढंग से नहीं निभाई अपनी भूमिका:-
छात्रा के कथित मर्डर केस में भी पुलिस और एसआईटी अभी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। अदालत ने तत्कालीन एसपी अजय शंकर राय पर इसलिए भी ज़्यादा नाराजगी जाहिर की क्योंकि इस मामले में पंचनामे और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ठीक नहीं थी। पुलिस ने इस चर्चित मामले में अपनी भूमिका ठीक से नहीं निभाई। अदालत के निर्देश के बावजूद तमाम लोगों से पूछताछ तक नहीं की गई। सीएम योगी के दखल पर घटना के दो महीने बीतने के बाद तत्कालीन एसपी को हटा दिया गया था। 

संदिग्ध हालत में मिला था शव:-
 ये चर्चित मामला 16 सितम्बर 2019 का है। मैनपुरी जिले के भोगांव इलाके में संचालित नवोदय विद्यालय में इसी दिन 11वीं क्लास में पढ़ने वाली एक छात्रा का शव हॉस्टल में संदिग्ध हालत में पंखे से लटका हुआ मिला था। पहली नजर में मामला खुदकुशी का लग रहा था, लेकिन छात्रा के परिवार वालों ने इसे हत्या बताकर विद्यालय की प्रिंसिपल, हॉस्टल की वार्डन और दो छात्रों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। 

परिवार ने जताई थी हत्या की आशंका:-
परिवार वालों ने रेप के बाद हत्या की आशंका जताई थी। मामला सियासी गलियारों में भी खूब गूंजा था। बाद में मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई थी। एसआईटी की कमान कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल को सौंपी गई थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में आज यूपी के डीजीपी को कोर्ट में तलब किया था। महेंद्र प्रताप सिंह की तरफ से दाखिल पीआईएल के जरिए ये मामला पिछले साल हाईकोर्ट आया था।
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