Religious marriage: दो अलग-अलग धर्मों के जोड़ों ने हिन्दू रीति रिवाज से रचाई शादी

फर्रुखाबाद/कायमगंज, N.I.T. : दो अलग धर्मों के अनुयाई वैवाहिक सूत्र बंधन में बंधने के बाद शादी का जोड़ा पहने कोतवाली कायमगंज जा पहुंचे। युवती ने प्रार्थना पत्र प्रभारी निरीक्षक को सौंप कर कहा है कि वह मूल रूप से जनपद अलीगढ़ के गांव गोधा-गोधा की रहने वाली है। उसने अपना नाम रिहाना पिता का नाम बाबू खान बताते हुए आधार कार्ड के आधार कार्ड खुद को वालिग बताया। उसने कहा है कि मैंने अपनी स्वयेक्षा से बिना धर्म परिवर्तन किए ही कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के गांव टिलियां सलेमपुर निवासी विकास राजपूत पुत्र प्रेम बाबू से हिंदू रीति रिवाज के अनुसार घसिया चिलौली स्थित देवी मंदिर में शादी रचा ली है। खुद की उम्र 19 वर्ष होने की बात कह कर लड़की ने पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा है कि मेरे द्वारा शादी कर लेने से मेरे पिता एवं परिजनों से मुझे तथा मेरे पति विकास कुमार और उनके परिवार को जान का खतरा है। अतः उसे पूरी तरह सुरक्षा प्रदान की जाए। फिलहाल पुलिस ने इस जोड़े को कोतवाली में ही रोक लिया है। लड़की के घरवालों को सूचना भिजवाकर उसकी उम्र एवं अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए शैक्षिक प्रमाण पत्र मंगवाए हैं।

दो अलग-अलग धर्मों के अनुयायियों ने आपस में शादी जिस समय की उस समय मंदिर में हो रहे विवाह कार्यक्रम का निर्देशन हिंदू जागरण मंच के कानपुर विभागाध्यक्ष प्रदीप सक्सेना कर रहे थे। 

इस प्रकरण में बताया जा रहा है कि विकास नोएडा में काम करता था। वहीं से काम की तलाश में अलीगढ़ पहुंचा। इसी बीच उसकी मुलाकात इस लड़की से हुई। पहली मुलाकात से ही दोनों एक दूसरे के नजदीक आते गए। मिलने जुलने का सिलसिला जारी रहा। दोनों के बीच प्यार जब परवान चढ़ा, तो दोनों ने एक साथ जीने मरने की कसम खाते हुए शादी कर लेने का निश्चय कर लिया। दोनों अलीगढ़ से चलकर कायमगंज आ गए। यहां उन्होंने शादी रचा कर एक दूसरे को पति-पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। अगर लड़की पुलिस द्वारा मांगे गए प्रमाणों के आधार पर वालिग प्रमाणित होती है तो दोनों पति-पत्नी के रूप में रहेंगे। किंतु सत्यता क्या है, इसके लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ेगा।

रिपोर्टर अमान खान
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