Farrukhabad Suicide: पुत्र की चाल चलन से परेशान होकर वृद्ध पिता ने लगाई फांसी

फर्रुखाबाद, N.I.T. : घरेलू कलह से त्रस्त एक वृद्ध ने स्टेट बैंक के रीजनल ऑफिस के भवन की तीसरी मंजिल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम और पुलिस ने जांच की। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सुसाइड नोट में वृद्ध ने आपबीती लिखी है। बड़े भाई ने बताया कि एक महिला चार लाख रुपये देने का दबाव बना रही थी। वह बेटे के चाल चलन से भी परेशान था।

कन्नौज जिले के थाना बिशुनगढ़ के गांव अल्हापुर निवासी कमलेश कुमार दुबे (62) ठंडी सड़क स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में रहते थे। वह सुरेश गुप्ता के यहां मुनीम थे। स्टेट बैंक का रीजनल दफ्तर सुरेश के भवन में है। वहां मुनीम का आना-जाना था। दोपहर करीब एक बजे कमलेश भवन की तीसरी मंजिल पर गए और खाली पड़े एक कमरे में सीढ़ी लगाकर छत के कुंडे में रस्सी के फंदे से फांसी लगा दी। इसके बाद परिजनों ने कई बार फोन लगाया। फोन न उठाने पर करीब तीन बजे पत्नी रंजना देवी पूछताछ करती हुईं तीसरी मंजिल पर गईं। कमरा अंदर से बंद मिलने पर चीखती हुई नीचे आईं। बैंक कर्मचारियों ने कुंडी तोड़कर अंदर गए तो देखा कमलेश का शव फंदे पर लटक रहा था। रस्सी काटकर शव नीचे उतारा गया। कुछ ही देर में बड़े भाई राकेेश पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कोतवाल विनोद शुक्ला और फोरेंसिक टीम ने जांच की।

राकेश ने बताया कि कमलेश से एक महिला चार लाख रुपये मांग रही थी। वह जेल भिजवाने की धमकी भी दे रही थी। कई बार फोन पर खेत नाम अपने नाम करने का दबाव डाला था। इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच की जा रही है। फिलहाल शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। परिजन आत्महत्या मान रहे हैं।

सुसाइड नोट में लिखा आत्महत्या का कारण:-
कमलेश की जेब से सुसाइड नोट मिला है। उसमें लिखा कि एक विवाहिता ने झूठी रिपोर्ट लिखाई है। वह अपने पुत्र सचिन के चाल चलन से परेशान हैं। इसमें किसी को भी परेशान न किया जाए। मेरी पूरी संपत्ति नाती अंश और वंश दुबे की होगी। मरने के अलावा मेरे पास कोई रास्ता नहीं है। पार्थिव शरीर को केवल नितिन के हाथों मुखाग्नि दी जाए। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है।
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