Kaimganj: किसानो द्वारा रेल रोको आंदोलन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने किसान नेताओ को किया नजर बंद

फर्रुखाबाद/कायमगंज, N.I.T. : तीनों काले कृषि कानूनों को वापस लेने तथा एमएसपी नियम की गारंटी देने को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा पिछले कई महीनों से आंदोलन चलाया जा रहा है। उधर इसी दौरान खीरी लखीमपुर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे ने गाड़ी दौड़ा कर किसानों की निर्ममता पूर्वक कुचलकर हत्या कर देने के प्रकरण से मोर्चा काफी और अधिक मुखर होकर आंदोलन की राह पर चलने के लिए एक रणनीति के तहत रेल रोको आंदोलन चलाने की घोषणा करते हुए, इसे आज ही अंजाम दे रहा है।

कायमगंज क्षेत्र में भी संयुक्त मोर्चा से जुड़े किसान संगठन रेल रोको आंदोलन में भागीदारी करने का मन बना चुके थे। किंतु स्थानीय सूत्रों तथा खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर प्रशासन चौकन्ना हो गया। आज पुलिस ने उन सभी नेताओं को उनके घरों पर या रेल पटरियों पर पहुंचने से पहले ही रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए गए सभी किसान नेताओं को कोतवाली लाकर नजर बंद कर दिया गया। यह काम पूरी कुशलता तथा शालीन व्यवहार के साथ प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा ने पूरा किया। उनकी कार्यशैली से जहां एक ओर रेलों का पहिया नहीं रुका। वहीं दूसरी ओर नजरबंद किए गए ।किसान संगठनों के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता भी किसी तरह से पुलिस द्वारा सख्ती बरती जाने जैसा आरोप लगाते नजर नहीं आए।

अलबत्ता भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति ने नजरबंदी के दौरान ही एक लिखित पत्र जारी करते हुए उसकी प्रति प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा को सौंपी। जिसमें कहा गया है कि तीनों काले कृर्षि कानूनों को वापस लिया जाए। साथ ही एमएसपी की गारंटी दी जाए। वही बढ़ी हुई विद्युत दरों पर आपत्ति व्यक्त करते हुए, किसान नेताओं नेआवारा गोवंश के संरक्षण हेतु शासन से उचित प्रबंध कर किसानों की फसलों को उजड़ने से बचाने की मांग की है ।समाचार लिखे जाने तक सभी किसान नेता नजरबंद ही थे।

रिपोर्टर अमान खान
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