Farrukhabad Dengue Fever: फर्रुखाबाद में प्लेटलेट्स व डेंगू के कहर से लोग हुए परेशान

फर्रुखाबाद, N.I.T. : बदल रहे मौसम में शहर से देहात तक डेंगू का डंक सेहत बिगाड़ रहा है। बुखार के साथ प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। बीमार डेंगू को लेकर घबराए हुए हैं। जिला अस्पताल में डेंगू की जांच को किट तक नहीं है। ऐसे में निजी लैबों से बीमार जांच कराने को मजबूर हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की नजर में जिले में एक भी मरीज डेंगू का नहीं है। जबकि निजी कई लैबों से जो रिपोर्ट निकलकर आ रही है वह डेंगू की ओर ही इशारा कर रही है।

बीमारो के बुखार के साथ प्लेटलेट्स भी कम हो रहे हैं। इससे यहां बीमारो के तीमारदारों को इलाज के लिए दौड़ना पड़ रहा है। पिछले दो माह से मौसमी बीमारियों ने कहर बरपा रखा है। अलग अलग तरह की बीमारियों से एक सैकड़ा से अधिक लोगों की जाने भी जा चुकी हैं। 

कमालगंज ब्लाक क्षेत्र व कम्पिल थाना क्षेत्र में तो सबसे अधिक बीमारी को लेकर हल्ला भी मच चुका है। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में लोग मच्छरों के आतंक के चलते डेंगू के डंक से घबराए हुए हैं। जिस तरह से बीमारों की प्लेटलेट़्स कम हो रही हैं उससे उनकी चिंताएं बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल जिले लोहिया अस्पताल के नाम से जाना जाता है, वहां डेंगू के मरीज भर्ती करने के लिए वार्ड तो आरक्षित है लेकिन डेंगू के शुरुआती लक्षण का पता करने के लिए एक सप्ताह से जांच को किट भी नहीं है। ऐसे में यहां जो बीमार बुखार के पहुंच रहे हैं। उनका इलाज प्लेटलेट्स और सीबीसी देखकर किया जा रहा है। एक सप्ताह पहले लोहिया अस्पताल में डेगू की आशंका को लेकर 60 से 65 जांचें प्रतिदिन होती थीं। लेकिन अब जब किट ही नहीं है तो यह जांचें भी पूरी तरह से बंद हो गई हैं। बीमारों का रुख सीबीसी जांच की ओर कर दिया गया है। मौसमी बीमारियां अभी कम नहीं हुई हैं। सरकारी आंकड़े में जिले भर में केवल 34 डेंगू के मरीज पाए गए थे। जो इलाज के माध्यम से ठीक हो गए। अब कोई मरीज जिले में डेंगू का नहीं है। सरकारी आंकड़े जिस तरह से सामने हैं उसको लेकर हर कोई दंग है। बड़ी संख्या में लोग जिले में डेंगू के डंक का शिकार हो चुके हैं। कई बीमार तो बाहर इलाज कराकर घर आ चुके हैं। बुखार को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग के पास कोई मजबूत आंकड़ा नहीं है मौतों की तो बात ही छोड़ दो। 

फिजीशियन डॉ.अशोक कुमार ने बताया कि एक सप्ताह से डेंगू की जांच को किट नहीं है। बुखार के जो मरीज आ रहे हैं उनकी सीबीसी कराई जा रही है। अधिकतर बीमार बाहर से ही जांच कराकर ला रहे है जिसे देखकर इलाज किया जा रहा है।

(संवाददाता अब्दुल मुईद खान)
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