Farrukhabad District jail: बवाल 2017 से लेकर 2021 तक जिला जेल में हुए बवालो की पढ़े पूरी हिस्ट्री

•जिला जेल बवाल में एक और घायल बंदी की मौत.

•एक बार ऐसा ही 4 साल पूर्व जिला जेल में हुआ था बवाल.

•जिला जेल के अंदर तलाशी के दौरान तमंचा हुआ बरामद.

फर्रुखाबाद, N.I.T. : जिला जेल बबाल को लेकर शासन सख्त हो गया है। लिहाजा जिम्मेदारों पर गाज गिरना भी तय है। जिला फिलहाल जिला जेल बबाल के दौरान घायल हुए बंदी की मौत हो गयी। वहीं शाम को कानपुर परीक्षेत्र के डीआईजी भी जिला जेल पंहुच गये। वह पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। 

जिला फर्रुखाबाद के थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम जैनापुर निवासी शिवम पुत्र मुन्ना राठौर के पेट में चोट लगनें से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया था। जिसके बाद उसकी हालत गंभीर होनें पर उसे सैफई मेडिकल कालेज रिफर कर दिया गया था। लेकिन उसकी सैफई ले जाते समय मौत हो गयी। मौत से पहले उसने जिला जेल के जेलर, दो डिप्टी जेलर पर गोली मारनें का आरोप लगाया था| हालांकि जेल अधिकारी गोली मारनें की बात को सिरे से खारिज कर रहें है। 

अब बंदी की मौत के बाद जेल के जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्यवाही की तलवार लटक सकती है। फिलहाल थाना राजेपुर में मृतक बंदी शिवम पर चोरी के मामले में बंद था। उसके ऊपर शहर कोतवाली पुलिस नें गैंगेस्टर की कार्यवाही की थी। मृतक अपने परिवार का अकेला चिराग था। उसकी एक बहन है जो बेबर में रहती है। माँ की बचपन में मौत हो गयी थी। घर पर पिता मुन्ना राठौर अकेले रहते है। उन्हें भी लकवा मार गया है। एसपी-डीएम सुबह से अभी जेल में ही डटे है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा नें बताया कि बंदी शिवम की मौत हो गयी है। उसका शव वापस मंगाया गया है। 

डीआईजी जेल पंहुचे:-
डीआईजी जेल वीपी त्रिपाठी रविवार शाम लगभग 4 बजे जिला जेल फतेहगढ़ पंहुचे। जेल गेट पर उन्होंने बताया कि वह पहले पूरे मामले की तफ्तीश करेंगे। उसके बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। 

एक बार ऐसा ही 4 साल पूर्व जिला जेल में हुआ था बवाल:-
जिला जेल फतेहगढ़ आये दिन विवादों के घेरे में रहती है। जिसके चलते बंदियों से संघर्ष आये दिन होना आम बात हो गयी। बीते लगभग चार साल पूर्व भी जिला जेल में बंदियों ने ठीक आज ही की तरह घटना को अंजाम दिया था। जिसमे प्रभारी डीएम, जेल अधीक्षक व जेल कर्मी घायल हो गये थे। 

दरअसल तत्कालीन जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु के अवकाश पर जानें के बाद उन्होंने सीडीओ एनपी पांडेय को डीएम का चार्ज दे दिया था। उसी दौरान 26 मार्च 2017 को जिला जेल के बंदीयों नें डॉ० नीरज पर अबैध बसूली का आरोप लगाया और जेल में बबाल कर आगजनी कर दी। जेल में बबाल के बाद प्रभारी डीएम एनपी पाण्डेय व भारी पुलिस बल मौके पर आ गया। बंदियों को शांत करनें के चलते प्रभारी डीएम एनपी पाण्डेय घायल हो गये। जिसके बाद उन्हें लोहिया अपस्ताल भेजा गया। इसके साथ ही तत्कालीन अधीक्षक राकेश कुमार वर्मा का सिर बंदियों नें फोड़ दिया था। वह भी लहुलुहान हालत में लोहिया भेजे गये। बंदी रक्षक संतोष कुमार भी बुरी तरह जख्मी हो गये थे। इसके साथ ही बंदी सतीश व् भानू की भी हालत गंभीर होनें पर लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया। बाद में लापरवाही में तत्कालीन जेलर धर्मपाल को शासन नें निलंबित किया था| 26 मार्च 2017 का विवाद भी राजेपुर क्षेत्र के कैदी अतुल के कारण  हुआ था। अतुल धारा 302 और 376 का मुल्जिम था। काफी दिनों से जेल के अस्पताल में भर्ती था। बंदियों नें चिकित्सक पर अबैध बसूली का आरोप लगाया था। 

इसके बाद फिर 7 नवबंर 2021 रविवार को फिर बबाल हो गया। इस बार भी साथी बंदी संदीप यादव की डेंगू से उपचार में लापरवाही से मौत होनें का आरोप लगाकर आगजनी कर पथराव किया। आपको बताते चले की पिछले 26 मार्च को जब जेल में बबाल हुआ तो उस दिन भी रविवार था। पिछली बार भी बंदी के इलाज का मामला था और इस बार भी बंदी के इलाज का मामला है। बड़ी बात तो यह है की बार-बार हो रही घटनाओं के बाद भी अधिकारी सबक नही लेते। जेल के जुड़े सूत्रों की मानें तो जिला जेल के कुछ अधिकारी बंदियों का उत्पीड़न कर रहे थे। जिससे बबाल की चिंगारी भीतर ही भीतर सुलग रही थी। आलाधिकारियों के आये दिन जेलों के निरीक्षण के बाद भी जेल में इतना बड़ा बबाल सबाल तो खड़े करता है। 

2015 में भी बंदियों नें किया था पथराव:-
दरअसल 2 अगस्त को जिला जेल फतेहगढ़ में तलाशी के विरोध में बंदी भड़क गये थे और उन्होनें बंदी रक्षकों पर जमकर पथराव किया था। बाद में अधिकारियों नें स्थित को सामान्य किया था। 

आज 7/11/2021 हुए बवाल में जिला जेल के अंदर तलाशी के दौरान तमंचा हुआ बरामद:-
जिला जेल में आखिर बड़ी चूक सामने आ गयी। पुलिस और जिला प्रशासन नें तलाशी के दौरान जेल के भीतर से तमंचा बरामद कर लिया। जिससे जेल की सुरक्षा में बड़ी सेंध है। 

रविवार को पूरे दिन चले विवाद के बाद जिला प्रशासन के अधिकारी डीएम-एसपी दिन भर डटे रहे। शाम को डीआईजी वीपी त्रिपाठी भी जिला जेल पंहुच गये। उन्होंने अपनी पड़ताल की। पुलिस नें तलाशी के दौरान जेल ले भीतर से तमंचा बरामद किया है। जो बड़ा सबाल खड़ा करता है। जेल के मुख्य द्वार से लेकर भीतर तक कई चरणों में सुरक्षा रहती है। तलाशी भी ली जाती है। उसके बाद भी जेल के भीतर तमंचा कैसे पंहुच गया इसका जबाब अभी जेल प्रशासन को देना बांकी है। शाम को मिली जानकारी के अनुसार तकरीबन 8-10 बंदी घायल हुए जिन्हें जेल में ही भर्ती किया गया है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि तलाशी में एक तमंचा बरामद हुआ है। जाँच की जा रही है। 

(जिला संवाददाता अब्दुल मुईद खान)
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