Kasganj altaf death case: थाने में महज़ 2 फीट ऊंची पानी की टोंटी से सुसाइड की थ्योरी देने वाले ये IPS कौन हैं?

कासगंज में 22 साल के अल्ताफ की थाने में संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस संदिग्ध मौत को सुसाइड बताकर थ्योरी पेश करने वाले कासगंज के पुलिस कप्तान बोत्रे रोहन प्रमोद खूब चर्चा में हैं.

कासगंज, N.I.T. : उत्तर प्रदेश के कासगंज में 22 साल के अल्ताफ की थाने में संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आईपीएस अफसर रोहन बोत्रे ने जो थ्योरी पेश की, उसकी हवा वॉशरूम की तस्वीर ने निकाल दी। खैर इस संदिग्ध मौत को सुसाइड बताकर थ्योरी पेश करने वाले कासगंज के पुलिस कप्तान बोत्रे रोहन प्रमोद खूब चर्चा में हैं। 2016 बैच के रोहन बोत्रे कासगंज में पुलिस कप्तान बनने से पहले आगरा में एसपी सिटी के पद पर तैनात थे। 

रोहन ने अमेरिका से की है इंजीनियरिंग की पढ़ाई:-
महाराष्ट्र के रहने वाले रोहन प्रमोद बोत्रे 2016 बैच के आईपीएस अफसर हैं। उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी सेबैचलर इन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके बाद वह अमेरिका चले गए थे। यहां की पर्ड्यू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स ऑफ साइंस (एमएस) सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद वह स्वदेश लौटे और सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। 

एक इंटरव्यू में रोहन प्रमोद बोत्रे ने कहा था, 
'जब मैं 10वीं कक्षा में था तो मुझे मसूरी में आईएएस प्रशिक्षण अकादमी से संबंधित एक डॉक्यूमेंट्री देखने को मिला, मैं उस डॉक्यूमेंट्री से प्रेरित हुआ और बाद में आईएएस और आईपीएस जैसी सेवाओं के बारे में अधिक जानकारी तलाशने की कोशिश की, फिर मैंने यूपीएससी के लिए अध्ययन करने का फैसला किया.'
 
चौथे प्रयास में सिविल सेवा में 187वां रैंक मिला:-
रोहन प्रमोद बोत्रे के माता-पिता प्रोफेसर हैं। अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद रोहन वापस स्वदेश आए और सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी। अपने चौथे प्रयास में रोहन को सिविल सेवा में 187वां रैंक मिला और उन्होंने खाकी वर्दी चुनी। कासगंज से पहले रोहन कई जिलों में तैनात रहे हैं। 
    नल की थ्योरी के कारण उठ रहे सवाल:-
दरअसल, कासगंज के पुलिस थाने में 22 साल के युवक अल्ताफ की संदिग्ध मौत हो गई है। अल्ताफ को एक लड़की के अपहरण और जबरन शादी के सिलसिले में पूछताछ के लिए पुलिस थाने लाया गया था। हवालात में संदिग्ध परिस्थिति में अल्ताफ की मौत हो गई। इस पर एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने एक थ्योरी दी थी। 

एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने दावा किया था कि उस व्यक्ति ने पुलिस स्टेशन में टॉयलेट का उपयोग करने के लिए कहा लेकिन कुछ देर बाद जब वह नहीं लौटा तो पुलिसकर्मी टॉयलेट के अंदर गए। उसने एक काली जैकेट पहनी हुई थी और ऐसा लगता है कि उसने जैकेट के हुड से जुड़ी स्ट्रिंग को वॉशरूम में एक नल से जोड़ दिया और खुद का गला घोंटने की कोशिश की। 

एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने जिस नल का जिक्र किया है, वह जमीन से महज दो फीट की ऊंचाई पर है और उसकी हालत ठीक है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 5.6 फीट लंबे अल्ताफ ने एक डोरी के जरिए नल से बांधकर या कसकर या लटकर कैसे जान दे दी। एसपी रोहन बोत्रे की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह है कि यूपी की योगी सरकार क्या करतीं हैं।
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