Hajj yatra 2022 to 2023: 21वीं सदी का पहला व्यक्ति जो भारत के केरल से सऊदी अरब मक्का के लिए पैदल निकला, 8640 किलोमीटर का सफर तय करेगा

अल्लाह के महबूब के घर को देखने की तमन्ना हर मुसलमान की होती है। लेकिन हजारों किलोमीटर पैदल चलकर हज पर जाना हर किसी के बस की बात नहीं। लेकिन जब इरादे मजबूत हो तो मंजिल भी आसान हो जाती है। ऐसा ही नेक और मजबूत इरादे लेकर हज के लिए निकले हैं केरल के शिहाब छोत्तूर। 

शिहाब पर ये शेर बिल्कुल फिट बैठता है:
खुद ही को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है? 

शिहाब कि रजा (मर्जी) और जिद अल्लाह का घर पैदल जाकर देखने की है। 
हिंदुस्तान के आखिरी छोर केरल के मलप्पुरम जिले के कोट्टक्कल के पास अठावनाड नामक इलाका है। यहीं के रहने वाले हैं शिहाब। शिहाब छोत्तूर जोखिम और तकलीफों से भरे लेकिन इस रूहानी सफर पर ऐसे दौर में निकले हैं जब सारी दुनिया में आपाधापी मची है। आज के दौर में पैदल हज यात्रा करना लगभग ना-मुमकिन सा है। फिर भी केरल के शिहाब छोत्तूर अल्लाह के महबूब के घर को देखने के लिए पैदल-पैदल मक्का पहुंचने के लिए निकल पड़े हैं। वह अकेले ही पैदल चलकर 8600 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करेंगे। 

शिहाब छोत्तूर केरल से चलकर राजस्थान के रास्ते प्रदेश में दाखिल होंगे:
भारत से पाकिस्तान, ईरान, इराक, कुवैत, के रास्ते सऊदी अरब जैसे देशों का पैदल सफर तय करते हुए शिहाब छोत्तूर 8 महीने बाद अगली साल 2023 तक पवित्र शहर मक्का पहुंचेंगे। 

शिहाब छोत्तूर एक साल से हज पर जाने की तैयारी में जुटे हुए थे। शिहाब छोत्तूर का कहना है मेरा सफर रूहानी है जिसमें मेरा मकसद पैदल हज करने का है। किसी ने मेरी कोई मदद नहीं की है। 

मुझे सलाह देने वाला भी कोई नहीं मिला। हमने केवल लोगों के पैदल मक्का जाने के बारे में सुना था। लेकिन इस जमाने में भारत में शायद ही कोई जिंदा इंसान मिले जो यहां से पैदल हज करने का अनुभव बता सके। 
(ऐसा शिहाब छोत्तूर का कहना है) 

बेशक:
हजरत आदम अलैहिस्सलाम ने भारत से कई मर्तबा पैदल चलकर हज का सफर किया है। 

शिहाब छोत्तूर के इरादे देखकर विदेश मंत्रालय भी चकरा गया:
विदेश मंत्रालय के अधिकारी हैरान रह गए जब उन्हें मक्का जाने की इजाजत के लिए शिहाब छोत्तूर की दरख्वास्त मिली। पहले तो उन्हें यह नहीं पता था कि इस मसले को कैसे संभालना है? क्योंकि उन्हें इससे पहले पैदल हज का कोई अनुभव नहीं था। आखिर विदेश मंत्रालय ने शिहाब के पैदल सफर को हरी झंडी दे ही दी। 
हज के लिए निकले शिहाब छोत्तूर का मालाबार में कई जगहों पर हीरो की तरह स्वागत किया गया। शिहाब भारत के जिस राज्य से गुजर रहे हैं उन राज्यों की पुलिस प्रशासन सिक्योरिटी बढ़ा रही है। शिहाब को देखनें के लिए हुजूम इकट्ठा हो रहा है। जुम्मे को जब वह चलियाम पहुंचे तो सैकड़ों लोग उनका इस्तकबाल करने के लिए जमा हो गए। कई ब्लॉगर्स उनकी यात्रा का प्रचार कर रहे हैं। क्योंकि शिहाब 21वीं सदी में भारत से पैदल हज यात्रा करने वाले पहले इंसान हैं। 
दिन में कम से कम 25 से 30 किलोमीटर चलने वाले का इरादा करने वाले शिहाब हल्का सामान ले जा रहे हैं ताकि सफर में परेशानी ना हो। उनका कहना है कि अनजान इलाकों का सफर भारत छोड़ने के बाद शुरू होगा। जो बेहद मुश्किल, जोखिम और तकलीफों से भरा होगा। 

शिहाब छोत्तूर रातें मस्जिदों में बिताना पसंद करेंगे:
शिहाब का कहना है कि- मैं कोई तम्बू नहीं ले जा रहा हूं क्योंकि मैं दिन के उजाले में चलना चाहता हूं। लेकिन मुझे बाद में एक तम्बू खरीदना होगा। अगली साल फरवरी या मार्च 2023 तक सऊदी अरब के मक्का पहुंचने वाले शिहाब छोत्तूर ने बताया कि इंशा अल्लाह मैं 8 महीने में 8640 किलोमीटर की दूरी तय करता हुआ मक्का पहुंच जाऊंगा। 

अल्लाह से मेरी भी दुआ है 
ऐसे नेक इरादे वाले लोगों की हिफाजत फरमाए 
रब उन्हें अपने घर का दीदार नसीब फरमाए
इस खबर को पढ़ने और इसे शेयर करने वाले को भी हज नसीब फरमाए आमीन सुम्मा आमीन

रिपोर्टर आमिर खान
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