Pratapgarh cyclone: यूपी के प्रतापगढ़ में तूफानी चक्रवात से दर्जनों गांव में भारी तबाही, किसान की मौत, कई लोग घायल

•शनिवार को दोपहर करीब तीन बजे भारी बवंडर से तबाही मच गई। 
•रानीगंज के सरायसेतराय दुर्गागंज के समीप आए चक्रवाती तूफान ने अफरातफरी मची रही। 
•दीवार ढहने से 55 वर्षिय रामबहादुर यादव की मौत हो गई।

प्रतापगढ़, N.I.T. : रानीगंज इलाके में शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे शुरू हुए बवंडर ने भारी तबाही मचा दी। चार मिनट के भीतर ही बारह गांवों में सौ से अधिक घर और टीनशेड धराशायी हो गए। जगह-जगह बिजली के पोल व पेड़ उखड़ गए। चपेट में आने से दो युवक की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 

चक्रवाती तूफान ने अमहटा, सवैया, बरहदा, टोडरपट्टी, सरायसेतराय, जयरामपुर, कसेरूआ, नहरहरपुर, खमपुर दुबेपट्टी, गुलरा, दयालपुर में जमकर तबाही मचाई। इसकी चपेट में आने से कसेरूआ गांव निवासी रामबहादुर यादव 55 वर्षीय की मौत हो गई। गोशाला पर पेड़ गिरने से वह नीचे दब गए। 

कसेरूआ गांव के ही इस्माइल अहमद 80 वर्षीय बुग्गी लेकर दुर्गागंज बाजार आए थे। टीनशेड गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए। खमपुर दूबेपट्टी गांव निवासी बृजनाथ दुबे 45 वर्षीय के ऊपर दीवार गिर पड़ी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। दुर्गागंज निवासी साधु मोदनवाल 32 वर्षीय टीनशेड की चपेट में आकर घायल हो गए। सरायसेतराय गांव की 35 वर्षिय प्रधान हीरावती के ऊपर टीनशेड गिर गया। कशेरूआ गांव के अगनु पटेल भी टीनशेड की चेपट में आने से घायल हो गए। 
तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोग बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। तूफान शांत होने के बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल के निर्देश के बाद राजस्वकर्मियों ने गांवों में पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। देर शाम तक गांवों में राजस्व विभाग की टीम आपदा से हुई क्षति का आकलन करती रही। रानीगंज एसडीएम संगमलाल ने बताया कि चक्रवात के चलते 48 घर ढहे हैं। पचास लाख का नुकसान हुआ है। 

इन लोगों के ढहे मकान:- 
चार मिनट के चक्रवात में सौ से अधिक कच्चे-पक्के मकान और टीनशेड ढह गए। किसी का बरामदा धाराशायी हुआ तो किसी की छत। उजड़ी गृहस्थी देख लोग बिलखते रहे। कशेरुआ गाँव के राजेश यादव, पप्पू यादव, रामकिशोर विश्वकर्मा, अख्तर अहमद, रमेश कुमार कश्यप, जयरामपुर गांव के अशफाक, अल्ताफ, वसीम, सलमान, नितिन सोनी, जावेद अहमद, मेहदी हसन, दुर्गागंज बाजार के हसन, अब्दुल समद, जुबैद, मोहम्मद कयूम, मोहम्मद नईम, गंगा प्रसाद केसरवानी, चुन्नू, अकील अहमद, नूर मोहम्मद, अयाम अंसारी, नियाज अंसारी, इशरार अहमद, लल्लू, गंगा, संजय सोनी, सरायसेतराय गांव के कमलेश सोनी, जमुना पिंटू, अजय, रमेश मोदनवाल, नसीम अहमद, शांति देवी के मकान क्षतिग्रस्त हो गए।

तीन सौ किमी प्रति घंटे थी चक्रवात की रफ्तार:-
तूफानी चक्रवात की रफ्तार देख लोग सिहर उठे। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि चक्रवात की वजह से उथल-पुथल मच गई। चक्रवात की रफ्तार करीब तीन सौ किमी प्रति घंटे से अधिक थी। आमतौर ऐसा कम देखने को मिलता है।

कौशाम्बी : 30 सेकेंड के चक्रवात ने मेड़ुवा सलेमपुर में मचाई तबाही:-
सदर तहसील के मेड़ुवा सलेमपुर गांव में शनिवार दोपहर महज 30 सेकेंड के चक्रवात ने भारी तबाही मचाई। तूफान के कारण 13 घर ढह गए और कई लोगों के यहां पड़े टीनशेड व छप्पर उड़ गए। बिजली के पोल व पेड़ भी उखड़ गए। हालांकि, घटना में किसी तरह जनहानि नहीं हुई है।
मेड़ुवा सलेमपुर गांव निवासी शिक्षक ध्यान सिंह पटेल का कहना था दोपहर से ही आसमान में काले बादल छाने लगे थे और तेज हवा चल रही थी। गांव वालों के सामने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं दिखा था। अनजाने खौफ के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। दोपहर करीब 3 बजकर 10 मिनट पर अचानक बवंडर शुरू हो गया। छप्पर व टीनशेड उड़ने लगे। पेड़ की डालियां टूटकर गिरने लगी। इसे लेकर गांव में अफरातफरी मच गई। लोग यहां-वहां जान बचाकर दुबके थे। करीब 30 सेकेंड बाद चक्रवात तो थमा, लेकिन तेज हवा फिर भी चल रही थी।

देखते ही देखते बादल साफ हुआ तो लोगों ने राहत महसूस की। इसके बाद गांव में हर तरफ तबाही का मंजर दिख रहा था। गांव के फूल सिंह का दो मंजिला घर धराशायी हो गया था। इसके अलावा लालमन, बड़ेलाल, जज्जू, घनश्याम, भोंदल, जुग्गी, राम औतार, रमेश प्रसाद, बाबूलाल, इंद्रजीत, तुलसीराम और शिवसागर के कच्चे घर भी गिर गए। घर गिरने के कारण अंदर रखी गृहस्थी भी नष्ट हो गई।
हवा में उड़ी टीनशेड व तख्त तो कांपने लगे लोग:-
मेड़ुवा सलेमपुर गांव निवासी शिक्षक ध्यान सिंह बताते हैं कि उन्होंने अपनी बोलेरो को खड़ा करने के लिए घर के बाहर टीनशेड डाला है। ध्यान सिंह का कहना है घर के बरामदे में तख्त पड़ी थी। बवंडर के दौरान बरामदे में रखी तख्त हवा के झोंके के साथ उड़ी और गैरेज में खड़ी बोलेरो को ऊपर जा गिरी। इसके अलावा कई टीने भी उड़ गई।
पांच सौ घरों की बत्ती गुल, गांव में छाया अंधेरा:-
मेड़ुआ सलेमपुर गांव में आया चक्रवात बिजली संकट पैदा कर गया। चक्रवात के कारण बिजली के छह पोल टूटकर गिर गए हैं। इसकी वजह से पांच सौ की आबादी वाले गांव में अंधेरा पसरा है। इस गांव को गोपसहसा विद्युत उपकेंद्र से आपूर्ति दी गई है। पॉवर हाउस के जेई कपिल त्रिपाठी का कहना है पोल टूटने की ग्रामीणों ने जानकारी दी है। रविवार सुबह गांव में टीम भेजकर हकीकत का पता लगाया जाएगा।


प्रतापगढ़ से अमित पटेल व रोहित चौरसिया की रिपोर्ट

(आमिर खान)
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