Doctor's Negligence: डॉक्टर की लापरवाही से प्रसूता की मौत, द केयर हॉस्पिटल के डॉक्टर पर केस दर्ज, आशा मौके से फरार

फर्रुखाबाद (कम्पिल) N.I.T. : डॉक्टर की लापरवाही से प्रसूता की मौत हो जाने के मामले में फर्रुखाबाद के आवास विकास कॉलोनी स्थित द केयर हॉस्पिटल के डॉक्टर पर केस दर्ज कराया गया है। रिश्वतखोर आशा के खिलाफ भी कारवाई होना आवश्यक है। 

कोतवाली फर्रुखाबाद पुलिस ने थाना कम्पिल के ग्राम खेतलपुर सौरिया निवासी सुरजीत सिंह पुत्र राजपाल की ओर से अपराध संख्या 589/22 धारा 304 ए के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। मुकदमे की जांच उपनिरीक्षक जगदीश कुमार को सौंपी गई है। गांव की आशा उर्मिला के कहने पर सुरजीत सिंह ठाकुर पत्नी सोनी को डिलीवरी के लिए 1 सितंबर को द केयर हॉस्पिटल फर्रुखाबाद ले गए थे। उसी दिन सुबह 10 बजे ऑपरेशन से सोनी को पुत्री पैदा हुई। इसके बावजूद अस्पताल वालों ने रात 12 बजे सोनी का दूसरा आप्रेशन किया। जिससे खून की ब्लीडिंग होती रही डॉक्टर ब्लीडिंग को रोक नहीं पाए।

सुरजीत ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है की पत्नी सोनी की हालत खराब होती रही और कई बार कहने पर भी डॉक्टर ने मरीज को न देखकर घोर लापरवाही की। मुझसे रुपए लेने का दबाव बनाते रहे कि हमारा हिसाब करो मरीज ठीक है ले जाओ। मृत पत्नी को अस्पताल के गेट के बाहर रख दिया डॉक्टर ने 40 हजार रुपये लेकर मुझे भगा दिया। तब मैंने परिवार वालों को एवं अधिकारियों को घटना से अवगत कराया सुरजीत ने आरोप लगाया अस्पताल के डॉक्टर की लापरवाही से पत्नी की मौत हुई है।

आशा उर्मिला प्रसूता को लोहिया अस्पताल नहीं ले गई वह लालच के कारण प्रसूता को लोहिया अस्पताल के नजदीक प्राइवेट द केयर हॉस्पिटल ले गई। बताया गया कि आशाओं को प्राइवेट अस्पतालों से डिलीवरी केस में काफी रुपए रिश्वत में मिलते हैं। लालची आशाओं को यह मतलब नहीं रहता है कि मरीज का क्या होगा।

लालची डाक्टर हजारों रुपयों की कमाई होने के कारण प्रसूताओं का जबरन ऑपरेशन करती हैं वह केवल रुपयो से मतलब रखती है। सुरजीत ने बताया की पुत्री के पैदा हो जाने के बाद आशा खराब हालत में पत्नी को छोड़कर मौके से फरार हो गई। पत्नी को पहले भी पुत्री हुई थी

डाक्टर का कथन:
द केयर हॉस्पिटल के मालिक डॉ केएम दिवेदी ने बताया कि मरीज की प्लेट्स कम थी ऑपरेशन के बाद खून के रिसाव से मरीज की मौत हो गई है। डॉ दिवेदी ने स्वीकार किया कि खून का रिसाव बंद न होने से मरीज के पेट में खून एकत्र हो गया था। मरीज का पुनः ऑपरेशन किया गया कि कोई नस तो खुली नहीं रह गई है।
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