Shraddha murder case: कोर्ट में आफताब का कबूलनामा-गुस्से में श्रद्धा को मार डाला

दिल्ली, N.I.T. : श्रद्धा मर्डर केस के आरोपी आफताब पूनावाला की पुलिस हिरासत बढ़ गई है। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार सुबह उसे साकेत कोर्ट के समक्ष पेश किया। पुलिस की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने उसकी पुलिस हिरासत चार दिनों के लिए बढ़ा दी। विशेष सुनवाई के लिए आफताब को कोर्ट के सामने पेश किया गया। सुनवाई के दौरान आफताब ने कोर्ट से कहा कि उसने गुस्से में आकर श्रद्धा की हत्या की। उसने अदालत को बताया कि वह जांच में पुलिस का सहयोग कर रहा है। साथ ही उसने कोर्ट को यह भी बताया कि उसे घटना को याद करने में दिक्कत हो रही है।

गत 17 मई को हुई श्रद्धा की हत्या:-
गत 17 मई को आफताब ने श्रद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े किए और इन टुकड़ों को महरौली के जंगल सहित अन्य जगहों पर फेंका। पूछताछ में आफताब की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग जगहों से शव के टुकड़े बरामद किए। शव के इन टुकड़ों की जांच हो रही है। समझा जाता है कि ये टुकड़े श्रद्धा के शव के हैं। दिल्ली पुलिस को अब तक 17 हड्डियां बरामद हुई हैं जिन्हें फॉरेंसिक टेस्ट के लिए भेजा गया है।

हत्या में इस्तेमाल हथियार और खोपड़ी का हिस्सा अभी नहीं मिला:-
पुलिस को अभी भी श्रद्धा के खोपड़ी का हिस्सा, मोबाइल फोन, हत्या में इस्तेमाल हथियार नहीं मिला है। पुलिस इनकी खोज लगातार कर रही है। दिल्ली पुलिस आज आफताब के परिवार से संपर्क कर सकती है, इस पूरे केस में उनका बयान काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। श्रद्धा हत्याकांड में दिल्ली पुलिस ने अब तक मुंबई के 14 लोगों का बयान दर्ज किया है।

इन लोगों के बयान दर्ज:-
•श्रद्धा का दोस्त लक्ष्मण नाडर
•श्रद्धा का दोस्त राहुल राय
•श्रद्धा का दोस्त गॉडविन रॉड्रिक्स
•श्रद्धा की दोस्त शिवानी म्हात्रे
•श्रद्धा की सहेली शिवानी का पति
•आफताब-श्रद्धा का फ्लैट ओनर
•श्रद्धा के मैनेजर करण बाहरी
•श्रद्धा-आफताब के फ्लैट ओनर जयश्री पाटकर
•यूनिक पार्क के सचिव, जहां आफताब का परिवार रहता था - अब्दुल्ला
•यूनिक पार्क के अध्यक्ष रामदास केवट पैकर्स एंड मूवर्स के मालिक गोविंद यादव जिन्होंने वसई से आफताब का सामान छतरपुर भेजा था।

श्रद्धा हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई होनी है। याचिकाकर्ता की दलील है कि दिल्ली पुलिस के पास जरूरी उपकरण और तकनीक का अभाव है। ऐसे में जांच ठीक से नहीं हो पाएगी। इसलिए जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपने की जरूरत है।
Reactions